
मशहूर टीवी एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला ने 28 जून 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। हर किसी की आंखें नम थीं जब यह खबर सामने आई कि 'कांटा लगा' फेम शेफाली अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके अंतिम संस्कार में मीका सिंह से लेकर सुनिधि चौहान सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं, जो उनके प्रति अपना सम्मान और प्यार जताने पहुंचीं। शेफाली बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम थीं, और महज 42 साल की उम्र में उनका यूं चले जाना सभी को हैरान कर गया। उनकी अचानक मौत ने पूरी इंडस्ट्री को सदमे में डाल दिया है। उनके चाहने वालों, परिवार और दोस्तों के लिए यह खबर किसी करारे झटके से कम नहीं थी।
शेफाली की करीबी दोस्त और एक्ट्रेस पूजा घई ने उनकी आखिरी घड़ियों के बारे में कुछ अहम और भावुक कर देने वाले खुलासे किए, जो खुद शेफाली के पति पराग त्यागी ने उनके साथ साझा किए थे।
पूजा घई ने बयां की दिल तोड़ने वाली बात
विक्की लालवानी से बातचीत में पूजा घई ने बताया कि अच्छी बात यह है कि पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, "मुझे सबसे ज्यादा चिंता पराग को लेकर थी, क्योंकि वह पहले से ही इस गम में डूबा हुआ है और अब उसे पुलिस पूछताछ से भी गुजरना पड़ेगा। ऐसे वक्त में जब कोई अपनों को खो देता है, तो उसे अकेले में अपने दर्द को जीने का हक होना चाहिए।”
पराग के लिए दिल से निकली दुआएं
पूजा ने आगे बताया, “पुलिस अपना काम कर रही है और उसे करना भी चाहिए, लेकिन मैंने देखा है कि जब कोई सेलिब्रिटी किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, तो उसे बार-बार पुलिस और मीडिया की नजरों से गुजरना पड़ता है। उन्हें ठीक से दुख मनाने तक का समय नहीं मिल पाता। मेरी बस यही दुआ है कि पराग जल्दी इस सदमे से उबरे और उसे खुद से जुड़ने का समय मिले।”
मौत से एक दिन पहले की थी पूजा
शेफाली के अंतिम दिनों की बात करते हुए पूजा ने बताया, “परिवार और पराग से पता चला कि उनकी मौत से एक दिन पहले ही घर में सुंदर सत्यनारायण की पूजा हुई थी। माहौल बेहद सकारात्मक और भक्तिमय था। जब हम अंतिम संस्कार के लिए शेफाली को लेने घर पहुंचे, तो पूरा घर पूजा के लिए सजा हुआ था, लेकिन अगले ही पल जो हुआ, उसने सबको भीतर तक हिला कर रख दिया।”
अंतिम क्षण: जब सांसें थीं, मगर आंखें बंद
पूजा ने कांपते हुए शब्दों में कहा, “शेफाली ने रोज़ की तरह खाना खाया और पराग से कहा कि वो उनके डॉग को टहला लाए। जैसे ही पराग नीचे गया, उसे तुरंत कॉल आया कि ‘दीदी की तबीयत ठीक नहीं है।’ वह डॉग को हेल्पर को सौंपकर तेजी से ऊपर गया। उसने देखा कि शेफाली की पल्स चल रही थी, मगर आंखें बंद थीं। वह एक पल भी नहीं गंवाते हुए उसे नजदीकी अस्पताल लेकर भागा, लेकिन जब तक वो उसे बेलेव्यू ले जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।”
ओशिवरा में हुआ अंतिम संस्कार, आंखें नम और दिल भारी
शेफाली का अंतिम संस्कार ओशिवरा हिंदू श्मशान घाट में किया गया, जहां उनका परिवार, करीबी दोस्त और इंडस्ट्री के कुछ खास लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर किसी की जुबां पर बस एक ही बात थी – इतनी जल्दी नहीं जाना चाहिए था शेफाली।














