गुलजार नहीं, ये हैं 'कजरा रे' के असली राइटर? शावर में खड़े हुए आया था आईडिया, गाने की कहानी है मजेदार
गुलजार साहब ने ऐसे गीत भी लिखे हैं जो डांस फ्लोर से लेकर आइटम नंबर तक सब जगह धमाल मचाते रहे हैं। इन्हीं में से एक है साल 2005 की फिल्म बंटी और बबली का सुपरहिट गाना कजरा रे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने का जो सबसे पॉपुलर शब्द कजरारे है, वह असल में गुलजार साहब के नहीं, बल्कि किसी और के दिमाग की उपज था?
Posts by : Rajesh Bhagtani |
Updated on: Sun, 01 Jun 2025 12:01:17
बॉलीवुड में जब कभी भी आइकॉनिक लिरिक्स की बात होती है, तो गुलजार का नाम सबसे ऊपर आता है। ‘हमको मन की शक्ति देना’ से लेकर ‘मेरा कुछ सामान’ तक, गुलजार ने हर भावना के लिए एक गीत रचा है, जो सीधे दिल को छूता है। उनकी लेखनी सिर्फ रोमांस या दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने ऐसे गीत भी लिखे हैं जो डांस फ्लोर से लेकर आइटम नंबर तक सब जगह धमाल मचाते रहे हैं। इन्हीं में से एक है साल 2005 की फिल्म बंटी और बबली का सुपरहिट गाना ‘कजरा रे’। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने का जो सबसे पॉपुलर शब्द ‘कजरारे’ है, वह असल में गुलजार साहब के नहीं, बल्कि किसी और के दिमाग की उपज था?
गुलजार ने पहले भी लिखा था 'कजरारे' से शुरू होने वाला गाना
‘कजरा रे’ की असल कहानी की शुरुआत होती है साल 2003 की एक कम चर्चित फिल्म चुपके से से, जिसमें गुलजार ने ‘कजरारे नैना वाले’ नाम का गाना लिखा था। इस फिल्म में जुल्फी सईद और मसुमेह मखीजा लीड रोल में थे और संगीत विशाल भारद्वाज का था। ये गाना गाया था दलेर मेहंदी ने। हालांकि फिल्म फ्लॉप रही और इसके गाने भी गुमनाम हो गए, लेकिन यह इस बात का सबूत है कि गुलजार इससे पहले भी ‘कजरारे’ शब्द को गीतों में इस्तेमाल कर चुके थे।
शावर में आया था 'कजरारे' का ख्याल
गुलजार ने नसरीन मुन्नी कबीर की किताब जिया जले में इस गाने की दिलचस्प कहानी साझा की थी। उन्होंने बताया कि ‘बंटी और बबली’ के लिए जब संगीतकार शंकर-एहसान-लॉय गाने पर काम कर रहे थे, तो शंकर महादेवन ने उन्हें गाने की ट्यून और कुछ डमी लिरिक्स भेजे। इन लिरिक्स में एक लाइन थी—"तू दिल मेरा लेजा मैं चप्पल पहनकर आई।" शंकर ने गुलजार से कहा, “गुलजार साहब, सारे डमी लिरिक्स आप बदल दीजिए, लेकिन एक शब्द ‘कजरारे’ को मत छूइएगा।”
इस पर गुलजार ने पहले हिचकिचाहट जताई क्योंकि वह इस शब्द को पहले भी एक गाने में इस्तेमाल कर चुके थे, लेकिन शंकर ने उन्हें बताया कि जब वह सुबह शावर ले रहे थे, तब बार-बार उनके मन में यही शब्द ‘कजरारे’ गूंज रहा था। गुलजार साहब ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “आपने शावर ले लिया है और बहुत फ्रेश लग रहे हैं, तो ठीक है, मैं यही शब्द इस्तेमाल करूंगा।”
ऐश्वर्या राय को दिया गाने की सफलता का श्रेय
गुलजार ने यह भी स्वीकार किया कि ‘कजरा रे’ की सफलता का असली श्रेय उनके बोलों को नहीं, बल्कि अभिनेत्री ऐश्वर्या राय को जाता है। उन्होंने कहा कि "पूरा देश सिर्फ ऐश्वर्या को डांस करते देखने के लिए यह फिल्म देखने गया था।" उनकी इस टिप्पणी से साफ होता है कि वे गीत की लोकप्रियता को टीमवर्क का हिस्सा मानते हैं, न कि अकेले अपनी काबिलियत का नतीजा।