
साल 2015 में जब एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ रिलीज़ हुई थी, तब भारतीय सिनेमा का परिदृश्य हमेशा के लिए बदल गया। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी। ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ दोनों ने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े और दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। अब राजामौली उसी जादू को दोबारा जीवंत करने जा रहे हैं अपनी नई फिल्म ‘बाहुबली: द एपिक’ के साथ — और इसकी शुरुआत ही धमाकेदार रही है।
24 घंटे में एडवांस बुकिंग से रिकॉर्ड तोड़ कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बाहुबली: द एपिक’ ने रिलीज़ से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार शुरुआत की है। फिल्म की एडवांस बुकिंग खुलते ही महज़ 24 घंटे में 61,000 से ज्यादा टिकटें बिक गईं। ये आंकड़ा सिर्फ कुछ चुनिंदा थिएटर्स — हैदराबाद, बेंगलुरु और कुछ अन्य शहरों — से सामने आया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि जब देशभर में इसकी बुकिंग खुलेगी, तो ये री-रिलीज़ फिल्मों के सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
री-मास्टर संस्करण में नया अनुभव
‘बाहुबली: द एपिक’ सिर्फ पुरानी फिल्मों का मिश्रण नहीं है। इसे एक री-मास्टर किए गए वर्ज़न के रूप में पेश किया जा रहा है जिसमें नई फुटेज, उन्नत विज़ुअल क्वालिटी और री-मिक्स्ड साउंड डिजाइन शामिल हैं। यह फिल्म ‘बाहुबली 1’ और ‘बाहुबली 2’ की कहानी को एक भव्य सिनेमाई अनुभव के रूप में एक साथ पेश करेगी।
राजामौली की सोची-समझी रिलीज़ रणनीति
फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज़ हो रही है — यानी दिवाली के एक हफ्ते बाद। ज्यादातर निर्देशक अपनी फिल्में फेस्टिवल के दौरान रिलीज़ करते हैं ताकि छुट्टियों का फायदा उठाया जा सके, लेकिन राजामौली ने इसके उलट फैसला लिया। तेलुगु360 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह तारीख इसलिए चुनी ताकि फिल्म को वैश्विक स्तर पर अधिकतम ध्यान मिल सके। उस सप्ताह कोई बड़ी इंटरनेशनल रिलीज़ नहीं है, जिससे ‘बाहुबली: द एपिक’ को ग्लोबल स्क्रीन स्पेस मिलेगा।
‘RRR’ के बाद अब ग्लोबल लक्ष्य
‘RRR’ की अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद राजामौली का नजरिया अब सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहा। ‘बाहुबली: द एपिक’ को ग्लोबल रिलीज़ देकर वे अपनी अगली महत्वाकांक्षी फिल्म SSMB29 के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई हॉलीवुड स्टूडियोज़ SSMB29 के लिए उनके साथ साझेदारी करने को तैयार हैं, लेकिन राजामौली सही समय का इंतजार कर रहे हैं। ‘बाहुबली: द एपिक’ की ग्लोबल सफलता उनके लिए उस दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
दर्शकों में दोबारा ‘बाहुबली’ का जुनून
एक दशक बाद भी ‘बाहुबली’ का प्रभाव वैसा ही बना हुआ है। सोशल मीडिया पर दर्शक लगातार इस री-रिलीज़ को लेकर उत्साह जता रहे हैं। कई सिनेमाघरों में दर्शकों ने टिकट्स के लिए एडवांस काउंटरों पर लंबी कतारें लगा दीं। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फिल्म री-रिलीज़ फिल्मों के बाजार को नया आयाम दे सकती है।
राजामौली ने साबित कर दिया है कि मजबूत कहानी, भव्यता और रणनीतिक सोच से किसी भी फिल्म को फिर से जीवंत किया जा सकता है। ‘बाहुबली: द एपिक’ न केवल दर्शकों के लिए नॉस्टेल्जिया का अनुभव होगी, बल्कि यह भारतीय सिनेमा के ग्लोबल पुनर्जागरण की दिशा में एक और बड़ा कदम भी साबित हो सकती है।














