
दिवंगत सरदार मलिक मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर थे। उनके बेटे अनु और डब्बू मलिक भी फिल्म इंडस्ट्री में हैं। अनु ने भी म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर के रूप में खूब नाम कमाया है। इस बीच डब्बू के बेटे संगीतकार व सिंगर अमाल मलिक (35) ने ताऊ अनु मलिक पर कई आरोप लगाए हैं। अमाल ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में ने कहा कि जब अनु और डब्बू मलिक मिलते हैं तो दोनों पागल भाइयों जैसे लगते हैं। लेकिन प्रोफेशनल लेवल पर अनु हमेशा कॉम्पिटीटिव रहे हैं। वो ये साबित करना चाहते थे कि हमारे म्यूजिक फैमिली में वही सबसे बेहतर हैं। कई बार मेरे डैड को जब कोई फिल्म मिलती थी, तो वो प्रोड्यूसर्स से जाकर कम पैसों में या फ्री में काम करने की बात कहते थे और फिल्में छीन लेते थे।
महेश भट्ट ने फिल्म 'मर्डर' की म्यूजिक डील मेरे पिता के साथ फाइनल कर ही रहे थे लेकिन अनु ने चालाकी से वो भी अपने नाम कर ली। मेरे पिता ने 32 साल की उम्र से लेकर 45 साल की उम्र तक डिप्रेशन झेला है। उन्होंने अपने बचपन में पिता को डिप्रेशन में देखा है। वो हमेशा से अपने काम से जवाब देना चाहते थे। और आज दे रहे हैं। मेरे पिता ने 70 से ज्यादा फिल्में कीं हैं लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिली।
अनु मेरे करिअर में भी दखल देते हैं। जब भी मैं किसी प्रोजेक्ट का अनाउंसमेंट करता हूं, वो बीच में कूद जाते हैं। कॉम्पिटीशन आज भी है, लेकिन कम से कम मुझे देखकर वो कहते हैं कि मैंने अच्छा काम किया है। अमाल ने अनु पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कहा कि जब मीटू मूवमेंट में उनका नाम आया, मैंने कोई स्टैंड नहीं लिया। क्योंकि मैं उन्हें कभी परिवार का हिस्सा मानता ही नहीं हूं। मैं शर्मिंदा था। अगर 5 लोग किसी एक के खिलाफ बोल रहे हैं, तो कुछ तो सच होगा।

अमाल मलिक बोले, अरमान के साथ बार-बार तुलना से बिगड़ी मेंटल हेल्थ
अमाल ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर परिवार से रिश्ते-नाते तोड़ने और डिप्रेशन से जूझने को लेकर एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर की। हालांकि बाद में उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी। अब अमाल ने इसके पीछे की वजह बताई है। अमाल ने कहा कि मैं परिवार और इंडस्ट्री की उम्मीदों का बोझ उठाते-उठाते थक गया था। मैं शांति ढूंढ रहा था जो मुझे नहीं मिल रही थी क्योंकि मेरे ऊपर लगातार और अच्छा करने का दबाव था। मेरी छोटे भाई अरमान से कभी कोई लड़ाई नहीं थी लेकिन माता-पिता हम दोनों को कंपेयर करते थे जिससे चीजें खराब हुईं।
खास तौर पर मां कंपेरिजन ज्यादा करती थीं और मुझसे बार-बार अरमान की तरह फैसले लेने के लिए फोर्स करती थीं ताकि मुझे भी उस जैसा स्टारडम मिल सके। मां कॉर्पोरेट लॉ के बैकग्राउंड से आती हैं जबकि मैं एक बागी कलाकार हूं। वो चाहती थीं कि अमाल एक ढांचे में ढल जाएं लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके। मैं और अरमान अलग-अलग व्यक्तित्व के लोग हैं और अलग-अलग संगीत बनाते हैं।
कंपेरिजन का असर दोनों भाइयों पर पड़ा। एक बार मां ने मुझसे पूछा था कि मैं एक शो के लिए इतने कम पैसे क्यों ले रहा हूं जबकि अरमान काफी ज्यादा फीस ले रहा था। दोनों भाइयों को एक जैसा स्टारडम मिलना मुमकिन नहीं है। इससे मेरी मेंटल हेल्थ पर असर पड़ रहा था और तभी मैंने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच में लाइन खींचने का फैसला किया।














