
फिल्म ‘धुरंधर’ ने रिलीज़ के बाद खूब सुर्खियाँ बटोरी हैं। रणवीर सिंह, आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे स्टार्स से सजी इस फिल्म में अक्षय खन्ना का ‘रहमान डकैत’ का किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आया। उनका शांत और गंभीर अंदाज़ फिल्म के सबसे यादगार हिस्सों में शामिल हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुरुआत में अक्षय खन्ना इस रोल को करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। आइए जानते हैं, आखिर कैसे उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए हामी भरी।
‘आदित्य को लगा कि मैं जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी हूं’
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने हाल ही में ‘धुरंधर’ की कास्टिंग जर्नी की मुश्किलें साझा कीं। उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना को इस प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए उन्हें पूरे एक साल तक धैर्य और मनाने-बुझाने की जरूरत पड़ी। उस समय रणवीर सिंह पहले ही फाइनल थे। बॉलीवुड में अक्सर इसका मतलब होता है कि दूसरे बड़े कलाकार थोड़ी हिचकिचाहट दिखाते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं वे पीछे न रह जाएं। लेकिन छाबड़ा ने इस परंपरा को नजरअंदाज करते हुए हर भूमिका के लिए समान गंभीरता दिखाई।
जब रहमान डकैत के किरदार के लिए अक्षय का नाम सुझाया गया, तो निर्देशक आदित्य धर थोड़े असहज हो गए। छाबड़ा ने याद किया, “आदित्य को लगा कि मैं कुछ ज़्यादा ही महत्वाकांक्षी हो रहा हूं। लेकिन मुझे पूरा भरोसा था कि अक्षय पाजी इस किरदार के लिए एकदम सही हैं।”
मुकेश छाबड़ा ने अक्षय को कैसे मनाया
अक्षय खन्ना से फोन पर संपर्क करना तो सिर्फ शुरुआत थी, और वह भी आसान नहीं। छाबड़ा ने स्वीकार किया, “मैंने उस समय ‘छावा’ फिल्म भी नहीं देखी थी। जब मैंने अक्षय को फोन किया, तो उन्होंने मुझसे कहा, ‘पागल हो गया है क्या?’” अक्षय की निजी और चुनिंदा प्रकृति बिलकुल सही साबित हुई।
छाबड़ा ने हार नहीं मानी और बस एक ही निवेदन किया कि मना करने से पहले स्क्रिप्ट सुन लें। इसके बाद अक्षय खन्ना मिलने के लिए तैयार हो गए, हालांकि थोड़ी झिझक के साथ। मुंबई की व्यस्त लाइफ से दूर रहने के कारण, उन्होंने साफ-साफ कहा कि मुलाकात की जगह सुनिश्चित की जाए।
चार घंटे की मुलाकात ने पलटी तस्वीर
मुकेश छाबड़ा, अक्षय खन्ना और आदित्य धर की मुलाकात लगभग चार घंटे चली। इस दौरान अक्षय चुपचाप स्क्रिप्ट सुनते रहे और बीच में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी। छाबड़ा ने बताया, “वे शायद ही कभी बीच में बोले। बस सिगरेट पीते रहे और ध्यान से सुनते रहे।”
स्क्रिप्ट का नरेशन समाप्त होने के बाद अक्षय का रिएक्शन सभी के लिए आश्चर्यजनक रहा। उन्होंने कहा, “वाह, यह तो बहुत बढ़िया है, बहुत मजा आएगा।”
कुछ दिन की प्रतीक्षा के बाद, मुकेश का फोन बजा। अक्षय ने बस इतना कहा, “चलो भाई, करते हैं। बस इतना ही।” और इस तरह ‘रहमान डकैत’ का किरदार उनके साथ स्क्रीन पर जीवंत हो गया।














