
भारतीय सिनेमा की इतिहास रचने वाली फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' को रिलीज़ हुए अब 10 साल पूरे हो चुके हैं। 2015 में रिलीज़ हुई इस ब्लॉकबस्टर ने न सिर्फ सिनेमाई कल्पनाओं की सीमाएं तोड़ीं बल्कि भारत के फिल्म इतिहास को एक नई दिशा दी। अब इसकी 10वीं वर्षगांठ पर निर्माता इसे एक नई पहचान दे रहे हैं—एक महाकाव्य के रूप में।
फिल्म के दोनों भाग—'बाहुबली: द बिगिनिंग' और 'बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न'—को एक साथ जोड़कर 'बाहुबली: द एपिक' नाम से सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज़ किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फिल्म को दर्शक अब 31 अक्टूबर 2025 से सिनेमाघरों में फिर से देख सकेंगे।
राजामौली ने किया ऐलान, 10 साल की विरासत को सिनेमा में फिर उतारने की तैयारी
फिल्म के निर्देशक एस.एस. राजामौली ने खुद सोशल मीडिया पर इस ख़ास घोषणा को साझा करते हुए लिखा, "बाहुबली... कई सफर की शुरुआत, बेशुमार यादें और कभी न खत्म होने वाली प्रेरणा। 10 साल हो गए, इस खास मौके को मना रहे हैं #BaahubaliTheEpic के साथ।"
उनके इस पोस्ट के साथ ही फिल्म की टीम, निर्माताओं और कलाकारों ने भी अपनी-अपनी भावनाएं साझा कीं, और दर्शकों को महिष्मती साम्राज्य की फिर से यात्रा के लिए आमंत्रित किया।
10 years ago, a question united the nation…
— Baahubali (@BaahubaliMovie) July 10, 2025
Now the question and the answer return together in ONE grand epic. #BaahubaliTheEpic releases worldwide on October 31st, 2025.#Celebrating10YearsOfBaahubali #DecadeofBaahubaliReign #Baahubali pic.twitter.com/iCdTyicF4F
‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?’—एक सवाल जिसने क्रांति ला दी
‘बाहुबली’ न केवल अपने भव्य वीएफएक्स और सेट्स के लिए याद की जाती है, बल्कि इसकी कहानी और किरदारों ने भी दर्शकों के दिल में स्थायी जगह बना ली। प्रभास का अमर किरदार बाहुबली, राणा दग्गुबाती का बलालदेव, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, रम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर—हर किरदार आज भी भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा हैं।
'कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?' जैसा सवाल केवल एक रहस्य नहीं था, यह भारतीय जनमानस का हिस्सा बन गया था। यही वह रहस्य था जिसने 'बाहुबली 2' को देश की सबसे बड़ी ओपनिंग दिलवाई और फिर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया।
अब तक का प्रभाव और रिकॉर्ड
अब तक के प्रभाव और रिकॉर्ड की बात करें तो ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ आज भी तेलुगु सिनेमा की छठी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी हुई है। इस फिल्म का हिंदी डब्ड संस्करण भी इतिहास रच चुका है, जो आज तक सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली डब्ड हिंदी फिल्म का रिकॉर्ड अपने नाम रखता है। इसके अलावा, फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाज़ा जा चुका है, जिनमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ स्पेशल इफेक्ट्स जैसे पुरस्कार प्रमुख हैं। ये सभी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि 'बाहुबली' न सिर्फ एक फिल्म रही, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की एक क्रांतिकारी विरासत बन गई है।
बाहुबली: द एपिक—हर पीढ़ी के लिए दोबारा एक यादगार अनुभव
बाहुबली की इस नई रिलीज़ का मकसद है नई पीढ़ी के दर्शकों को सिनेमा हॉल में उस जादू का फिर से अनुभव कराना, जिसे उन्होंने शायद स्क्रीन पर कभी नहीं देखा हो। वहीं पुराने प्रशंसकों के लिए यह एक नॉस्टेल्जिक सफर होगा, जिसमें वे दोबारा महिष्मती साम्राज्य की गूंज, शिवगामी की हुंकार और बाहुबली की तलवार की धार को महसूस करेंगे।
जैसे-जैसे 31 अक्टूबर की तारीख नज़दीक आ रही है, सिनेप्रेमी एक बार फिर तैयार हो रहे हैं उस महागाथा के स्वागत के लिए जिसने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया था।
इस बार ‘बाहुबली’ सिर्फ फिल्म नहीं, इतिहास है जो खुद को दोहरा रहा है।














