
फैशन और ब्यूटी की दुनिया में उर्फी जावेद का नाम हमेशा चर्चा में रहता है। अपने बोल्ड स्टाइल और अनोखे फैशन सेंस से वह सोशल मीडिया की सेंसेशन बन चुकी हैं। हाल ही में उर्फी एक बार फिर खबरों में छा गईं, लेकिन इस बार वजह थी उनकी सुंदरता से जुड़ी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया – लिप फिलर।
उर्फी जावेद ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने होठों से लिप फिलर हटवाया, लेकिन इसके बाद उनके होठों और चेहरे में अत्यधिक सूजन हो गई। इस दर्दनाक अनुभव के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई कि लिप फिलर आखिर होता क्या है, इसे क्यों और कैसे कराया जाता है, और इसके दुष्परिणाम क्या हो सकते हैं?
क्या होता है लिप फिलर?
लिप फिलर एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसमें हयालुरोनिक एसिड जैसे पदार्थ को इंजेक्शन के माध्यम से होंठों में डाला जाता है। इसका उद्देश्य होठों को ज्यादा मोटा, भरा हुआ और आकर्षक दिखाना होता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर 15 से 30 मिनट में पूरी हो जाती है और इसके परिणाम तुरंत दिखने लगते हैं।
प्रचलित फिलर ब्रांड्स में शामिल हैं:
- Juvederm
- Restylane
- Belotero
क्यों कराते हैं लोग लिप फिलर?
चेहरे के लुक को निखारने के लिए – खासकर जब पतले होंठ चेहरे के अनुपात में छोटे लगते हैं।
उम्र बढ़ने पर होठों की मात्रा कम होने लगती है, ऐसे में उन्हें फिर से भरने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है।
सेल्फी और कैमरे में आकर्षक दिखने की चाहत आज के सोशल मीडिया युग में इसका एक बड़ा कारण है।
सेल्फ-इमेज सुधारने की मानसिक जरूरत – कई लोग आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इस प्रक्रिया का सहारा लेते हैं।
लिप फिलर हटवाना क्यों पड़ता है?
कई बार लोग लिप फिलर से संतुष्ट नहीं होते या समय के साथ इसके साइड इफेक्ट्स सामने आने लगते हैं।
सामान्य कारण:
- होंठों में असमानता
- अत्यधिक सूजन या कठोरता
- प्राकृतिक लुक न आना
- समय के साथ लुक बिगड़ना या असहज महसूस होना
इसे हटाने के लिए ‘हयालुरोनिडेस’ नामक एंजाइम का प्रयोग किया जाता है, जो फिलर को तोड़ देता है और शरीर उसे अवशोषित कर लेता है।
उर्फी जावेद के मामले में क्या हुआ?
उर्फी ने बताया कि उन्होंने अतीत में लिप फिलर का बार-बार उपयोग किया, जिसकी वजह से उनका चेहरा असामान्य रूप से बदलने लगा। जब उन्होंने इसे हटवाने का निर्णय लिया, तो उनके होठों में सूजन और अत्यधिक दर्द हुआ। उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उनके सूजे हुए होठ साफ दिखाई दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि लिप फिलर के कारण उनके चेहरे का संतुलन बिगड़ गया था, और अब वह प्राकृतिक लुक को दोबारा पाने की कोशिश कर रही हैं।
लिप फिलर से जुड़े संभावित जोखिम
इस कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट को आसान और सामान्य मान लिया गया है, लेकिन इसके भी कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
एलर्जिक रिएक्शन – कुछ लोगों की त्वचा फिलर में मौजूद तत्वों से एलर्जी कर सकती है।
ब्लड वेसल ब्लॉकेज – फिलर यदि गलत तरीके से इंजेक्ट हो जाए तो ब्लड सप्लाई रुक सकती है।
इंफेक्शन का खतरा – यदि प्रक्रिया साफ-सफाई से न की जाए तो संक्रमण हो सकता है।
लुक का बिगड़ना – ज़रूरत से ज्यादा फिलर या खराब तकनीक लुक को असमान और अस्वाभाविक बना सकती है।
क्या करें ?
- किसी रजिस्टर्ड और अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट से ही ट्रीटमेंट कराएं।
- प्रोसेस से पहले पैच टेस्ट कराएं।
- बाद की देखभाल (post-treatment care) पर ध्यान दें।
क्या न करें
- सस्ते या अनजान उत्पादों का इस्तेमाल न करें।
- इंस्टेंट रिजल्ट के लिए अत्यधिक मात्रा में फिलर न लगवाएं।
- लिप फिलर को बार-बार न करवाएं, इससे लिप टिश्यू पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
लिप फिलर एक ट्रेंडिंग ब्यूटी ट्रीटमेंट जरूर है, लेकिन यह बिना जोखिम नहीं है। उर्फी जावेद का अनुभव इस बात का प्रमाण है कि यदि सही जानकारी और सावधानी के बिना इसे करवाया जाए तो यह खूबसूरती के बजाय परेशानी बन सकता है। हर किसी को इस तरह की कॉस्मेटिक प्रक्रिया से पहले पूरी रिसर्च और विशेषज्ञ सलाह जरूर लेनी चाहिए।














