न्यूज़
Sawan Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सावन सोमवार के दिन करें इस व्रत कथा का पाठ, महादेव की कृपा से दूर होंगे संकट, घर में आएगी सुख-समृद्धि

सावन सोमवार पर सोमवार व्रत कथा का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। जानें व्रत कथा का महत्व, धार्मिक मान्यता और मिलने वाले शुभ फल।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 03 Aug 2026 10:31:29

सावन सोमवार के दिन करें इस व्रत कथा का पाठ, महादेव की कृपा से दूर होंगे संकट, घर में आएगी सुख-समृद्धि

सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे माह में आने वाले प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि जो श्रद्धालु सावन सोमवार के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करते हैं, उन पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहती है। अविवाहित कन्याएं मनचाहे और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि बनाए रखने की कामना से सावन सोमवार का व्रत रखती हैं। इतना ही नहीं, पुरुष भी इस व्रत को पूरी श्रद्धा के साथ कर सकते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार का संबंध चंद्रमा से माना जाता है और चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किए हुए हैं, इसलिए ऐसी मान्यता है कि वे अपने भक्तों के मन की भावनाओं को समझते हैं और उनकी सच्ची प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि सावन सोमवार का महत्व अत्यंत विशेष माना गया है। यदि आप भी इस दिन व्रत रखने जा रहे हैं, तो पूजा के साथ सोमवार व्रत कथा का पाठ या श्रवण अवश्य करें।

सोमवार व्रत की पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में एक अत्यंत समृद्ध साहूकार रहता था। उसके पास धन-दौलत, वैभव और किसी भी प्रकार की भौतिक सुविधा की कोई कमी नहीं थी। इसके बावजूद वह भीतर से बहुत दुखी रहता था, क्योंकि उसकी कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति की इच्छा से वह प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करता और प्रत्येक सोमवार को पूरे विधि-विधान से व्रत रखकर महादेव की पूजा करता था। उसकी अटूट श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होकर एक दिन माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा कि यह आपका सच्चा भक्त है, इसकी मनोकामना अवश्य पूरी कीजिए।

भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि साहूकार के भाग्य में संतान का योग नहीं है। यदि उसे पुत्र का वरदान दिया भी गया तो वह केवल 12 वर्ष तक ही जीवित रहेगा। यह सुनकर माता पार्वती ने महादेव से आग्रह किया कि भक्त की भक्ति को देखते हुए उसे पुत्र का आशीर्वाद अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सच्चे भक्त की प्रार्थना भी पूरी न हो, तो लोगों का विश्वास कमजोर पड़ सकता है। माता पार्वती के बार-बार अनुरोध करने पर भगवान शिव ने साहूकार को पुत्र का वरदान दे दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उस बालक की आयु केवल 12 वर्ष ही होगी।

पुत्र प्राप्ति से साहूकार और उसकी पत्नी अत्यंत प्रसन्न हुए, लेकिन पुत्र की अल्पायु की बात उनके मन को हमेशा परेशान करती रही। इसके बावजूद उन्होंने भगवान शिव की भक्ति और सोमवार के व्रत को कभी नहीं छोड़ा। समय बीतता गया और जब उनका पुत्र 11 वर्ष का हुआ, तब साहूकार ने उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए उसके मामा के साथ काशी भेजने का निर्णय लिया। विदा करते समय उसने अपने साले से कहा कि यात्रा के दौरान जहां भी ठहरना, वहां यज्ञ कराना और ब्राह्मणों को भोजन कराकर आगे बढ़ना।

यात्रा के दौरान दोनों एक ऐसे नगर पहुंचे, जहां राजकुमारी का विवाह होने वाला था। जिस राजकुमार से उसका विवाह तय हुआ था, वह एक आंख से काना था। जब राजा ने साहूकार के सुंदर और तेजस्वी पुत्र को देखा तो उसके मन में विचार आया कि विवाह की सभी रस्में इसी युवक से पूरी करा दी जाएं, ताकि किसी को वर की वास्तविकता का पता न चले। राजा ने इसके बदले मामा को पर्याप्त धन देने का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद साहूकार के पुत्र ने विदा होने से पहले राजकुमारी की चुनरी पर लिख दिया कि उसका वास्तविक विवाह उसी के साथ हुआ है, जबकि जिस युवक के साथ उसे विदा किया जाएगा, वह एक आंख से काना है। इसके बाद वह अपने मामा के साथ काशी के लिए रवाना हो गया। जब राजकुमारी ने यह संदेश पढ़ा, तो उसने काने राजकुमार के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। परिणामस्वरूप राजा ने भी अपनी पुत्री को विदा नहीं किया और बारात वापस लौट गई।

उधर, मामा और भांजा काशी पहुंचकर पहले की तरह यज्ञ और धार्मिक कार्य करते रहे। एक दिन यज्ञ के दौरान साहूकार का पुत्र काफी देर तक बाहर नहीं आया। जब मामा उसे देखने भीतर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बालक के प्राण निकल चुके हैं। यह दृश्य देखकर वह विलाप करने लगे। उसी समय भगवान शिव और माता पार्वती वहां से गुजर रहे थे। माता पार्वती ने रोने का कारण पूछा तो उन्हें पता चला कि यह वही बालक है, जिसे उनके आग्रह पर भगवान शिव ने जन्म का वरदान दिया था।

माता पार्वती ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि इस बालक को पुनः जीवन प्रदान कर दें, अन्यथा उसके माता-पिता यह दुख सहन नहीं कर पाएंगे। भगवान शिव ने कहा कि उसकी निर्धारित आयु पूरी हो चुकी है, लेकिन माता पार्वती के बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने अपनी कृपा से उस बालक को पुनर्जीवित कर दिया। कुछ ही क्षणों बाद वह 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए जीवित हो उठा। मामा और भांजे ने भगवान शिव का आभार व्यक्त किया और अपने नगर की ओर लौट पड़े।

वापसी के दौरान वे उसी राज्य में पहुंचे, जहां राजकुमारी का विवाह हुआ था। राजकुमारी ने साहूकार के पुत्र को पहचान लिया। इसके बाद राजा ने पूरे सम्मान के साथ अपनी पुत्री का विवाह उसी युवक से कराया और उसे धन-धान्य सहित विदा किया। जब साहूकार का पुत्र अपनी पत्नी के साथ घर लौटा तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसी रात भगवान शिव ने साहूकार को स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि उसकी अटूट भक्ति और सोमवार व्रत से प्रसन्न होकर उन्होंने उसके पुत्र को नया जीवन प्रदान किया है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ सोमवार व्रत कथा का पाठ करता है या उसे सुनता है, भगवान शिव उसकी सभी बाधाओं को दूर करते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उसके जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जीवन में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई 'स्पाइडर-मैन 4', नोलन की 'द ओडिसी' को भी पछाड़ा, ओपनिंग रिकॉर्ड में सिर्फ 'एवेंजर्स: एंडगेम' आगे
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई 'स्पाइडर-मैन 4', नोलन की 'द ओडिसी' को भी पछाड़ा, ओपनिंग रिकॉर्ड में सिर्फ 'एवेंजर्स: एंडगेम' आगे
सहरसा में पैसेंजर ट्रेन के इंजन और कोच में भीषण आग, धू-धूकर जला डिब्बा; समय रहते सुरक्षित निकाले गए यात्री
सहरसा में पैसेंजर ट्रेन के इंजन और कोच में भीषण आग, धू-धूकर जला डिब्बा; समय रहते सुरक्षित निकाले गए यात्री
कांग्रेस का आरोप- जंतर-मंतर पर छात्राएं सुरक्षित थीं, सोशल मीडिया पर बीजेपी ट्रोल्स दे रहे धमकियां
कांग्रेस का आरोप- जंतर-मंतर पर छात्राएं सुरक्षित थीं, सोशल मीडिया पर बीजेपी ट्रोल्स दे रहे धमकियां
ट्रंप का बड़ा दावा, सोमवार को अमेरिका-ईरान के बीच होगी बातचीत; होर्मुज और परमाणु समझौते के भी दिए संकेत
ट्रंप का बड़ा दावा, सोमवार को अमेरिका-ईरान के बीच होगी बातचीत; होर्मुज और परमाणु समझौते के भी दिए संकेत
11वें दिन 'जन नायकन' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, रविवार को तोड़ डाला अपना ही रिकॉर्ड
11वें दिन 'जन नायकन' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, रविवार को तोड़ डाला अपना ही रिकॉर्ड
दूसरी प्रेग्नेंसी पर दीपिका पादुकोण ने शेयर किया खास अपडेट, बताया इन दिनों कैसे बीत रहा है हर पल
दूसरी प्रेग्नेंसी पर दीपिका पादुकोण ने शेयर किया खास अपडेट, बताया इन दिनों कैसे बीत रहा है हर पल
सड़क के गड्ढे ने उजाड़ दिया परिवार, फ्लैट देखने जा रहे दंपति के साथ दर्दनाक हादसा; पति की आंखों के सामने पत्नी ने तोड़ा दम
सड़क के गड्ढे ने उजाड़ दिया परिवार, फ्लैट देखने जा रहे दंपति के साथ दर्दनाक हादसा; पति की आंखों के सामने पत्नी ने तोड़ा दम
Sawan Somwar Upay 2026: सिर्फ जलाभिषेक ही नहीं, इन आसान उपायों से भी प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ, बरसती है शिव कृपा
Sawan Somwar Upay 2026: सिर्फ जलाभिषेक ही नहीं, इन आसान उपायों से भी प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ, बरसती है शिव कृपा
'रामायण' में अपने लुक पर बोलीं रकुल प्रीत सिंह, ट्रोलिंग के बीच दिया करारा जवाब
'रामायण' में अपने लुक पर बोलीं रकुल प्रीत सिंह, ट्रोलिंग के बीच दिया करारा जवाब
सावन सोमवार की पूजा होगी पूर्ण, शिव चालीसा के साथ पढ़ें महादेव की आरती और मंत्र
सावन सोमवार की पूजा होगी पूर्ण, शिव चालीसा के साथ पढ़ें महादेव की आरती और मंत्र
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
वजन घटाने के साथ कमर की चर्बी भी घटानी है? डायटीशियन ने बताए 5 हेल्दी ड्रिंक्स, जानें इन्हें पीने का सही समय
वजन घटाने के साथ कमर की चर्बी भी घटानी है? डायटीशियन ने बताए 5 हेल्दी ड्रिंक्स, जानें इन्हें पीने का सही समय