
हाल ही में महिलाओं को लेकर दिए गए एक विवादास्पद बयान के चलते चर्चाओं में आए प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज एक बार फिर अपने नए वक्तव्य को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले से ही उनके बयान पर समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा विरोध और आलोचना की जा रही थी, और अब उनका ताजा बयान फिर बहस का कारण बन गया है। इस बार उन्होंने युवाओं के बदलते व्यवहार और नैतिक पतन पर सीधी और स्पष्ट टिप्पणी करते हुए युवाओं से अपील की है — “बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बनाना छोड़ो और आचरण में शुद्धता लाओ।”
"सच्चाई कड़वी लगती है, लेकिन वही जीवन बदलती है"
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रेमानंद महाराज कहते दिखाई दे रहे हैं, “गंदे आचरण वाले लोगों को जब सच्चाई बताई जाती है, तो उन्हें वह कड़वी लगती है। जैसे गंदगी में पले कीड़े को अमृत स्वीकार नहीं होता, वैसे ही जिनका मन दूषित है उन्हें धर्म की बातें नहीं सुहातीं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास आने वाले अधिकांश युवा खुद को सुधारने की इच्छा से आते हैं।
युवाओं को दिया स्पष्ट दिशा-निर्देश
महाराज ने अपने उद्बोधन में युवाओं से कहा कि वे आधुनिकता के नाम पर भ्रमित न हों। उन्होंने कहा, “गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाना बंद करो। नशे से दूर रहो। माता-पिता की आज्ञा का पालन करो।” संत के अनुसार, जो लोग इस तरह की शिक्षाओं को बुरा मानते हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है, क्योंकि यही उपदेश उनका जीवन बदल सकते हैं।
उनका मानना है कि जब तक इंसान शास्त्रों से दूर रहेगा, तब तक वह यह जान ही नहीं पाएगा कि सही और गलत क्या है। “जब युवा सोचते हैं कि व्यसन और भोग-विलास ही सुख है, तो वे भ्रम में होते हैं। यही भ्रम उन्हें अवसाद, अपराध और कभी-कभी आत्महत्या तक की ओर ले जाता है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
“माया तो है ही नहीं, लेकिन वह चमत्कार कर जाती है”
अपने बयान के अंतिम हिस्से में प्रेमानंद महाराज ने ईश्वर की माया की व्याख्या करते हुए कहा कि जो वस्तु वास्तव में है ही नहीं, वही दुनिया को सबसे ज़्यादा भ्रमित कर देती है। उन्होंने कहा, “अगर संतों और शास्त्रों की बातों का मनन किया जाए, तो माया की कोई पकड़ नहीं रहती। लेकिन भगवान की यही माया है — जो होती नहीं, वही सबको अपनी गिरफ्त में ले लेती है।”














