जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) कॉल सेंटर का दौरा कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क 2.0 के तहत विकसित की जा रही नई तकनीकी सुविधाओं, शिकायत निवारण प्रणाली और डिजिटल सुधारों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा इस पूरी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिकतम उपयोग किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने साइबर फ्रॉड के शिकार नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि संबंधित विभागों की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है, शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति क्या है और पीड़ितों को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 जून को केंद्र सरकार के वरिष्ठ सचिवों का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान संपर्क पोर्टल की तकनीकी कार्यप्रणाली और नवाचारों का अध्ययन करने के लिए दौरा करेगा। इस प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर पोर्टल की उपलब्धियों और नई तकनीकी व्यवस्थाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया जाना चाहिए।
वी. श्रीनिवास ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल को नेशनल काउंसिल ऑफ ई-गवर्नेंस (NCeG) के मंच पर देश के उत्कृष्ट सुशासन मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है और इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने आगे कहा कि आने वाले समय में होने वाली समीक्षा बैठकों के दौरान विशेष रूप से भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की अलग से विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन संवेदनशील शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने शिकायत प्रबंधन प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, AI की मदद से शिकायतों का स्वतः वर्गीकरण, रूट कॉज एनालिसिस, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे शिकायत निवारण व्यवस्था अधिक स्मार्ट, पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनेगी।
वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों और कॉल सेंटर कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए कर्मचारियों के कौशल का निरंतर उन्नयन आवश्यक है, ताकि वे नई प्रणालियों और डिजिटल उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
उन्होंने शिकायतों के निस्तारण के बाद नागरिकों से प्राप्त होने वाले फीडबैक और संतुष्टि स्तर की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत निवारण व्यवस्था की सफलता केवल मामलों के निपटारे से नहीं, बल्कि नागरिकों की संतुष्टि से मापी जाती है। इसलिए पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क 2.0 के अंतर्गत विकसित की जा रही नई तकनीकों, AI आधारित नवाचारों, शिकायतों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, नागरिक संतुष्टि मूल्यांकन प्रणाली तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी विस्तार से समीक्षा की। इस अवसर पर राजस्थान संपर्क पोर्टल और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।