दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को वहां से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। इस बीच राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर सरकार की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की।
कपिल सिब्बल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, जो कुछ इस समय हो रहा है, उसे देखकर मैं बेहद चिंतित हूं। मुझे वह दौर याद है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और देश में अन्ना आंदोलन चल रहा था। उस समय उन्होंने तत्कालीन सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि अगर मैं मुख्यमंत्री नहीं होता तो जाकर पूछता कि रात के अंधेरे में लोगों को इस तरह कैसे उठाया जा सकता है। लेकिन आज जब वही व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री हैं तो उन्हें इस तरह की घटनाओं से कोई परेशानी नजर नहीं आती।
उन्होंने आगे कहा कि आज सत्ता उनके हाथ में है और वे उसी व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं, जिसकी कभी आलोचना किया करते थे। सिब्बल ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि आखिर उन युवाओं से संवाद करने की कोशिश क्यों नहीं की गई, जो अपने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद लिए गए कई फैसलों और घटनाओं ने युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर डाला है और सरकार ने उनकी चिंताओं को सुनने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया है।
प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में कराया गया भर्तीउधर, दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और चिकित्सकों की सलाह के आधार पर उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही थी, इसलिए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखना जरूरी था। इसी के साथ दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना स्थल खाली कर दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
पत्नी ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपइस पूरे मामले के बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखकर उन्हें किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल जांच से जुड़ी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं, वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने वाले उनके नियमित डॉक्टरों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
गीतांजलि ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सोनम वांगचुक के शरीर में पोटेशियम का स्तर पहले 4.3 था, जो अब घटकर 2.9 तक पहुंच गया है। इस गिरावट को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि बेहतर इलाज और पारदर्शी चिकित्सा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाना चाहिए, ताकि उनकी सेहत से जुड़ी हर जानकारी परिवार और उनके निजी डॉक्टरों को समय पर मिल सके।