तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित उनके पांच मंजिला कार्यालय को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन का आरोप है कि यह भवन आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेजों के बिना बनाया गया था। इसी वजह से पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। मौके पर तीन बुलडोजर लगाए गए, जो लगातार इमारत को गिराने के काम में जुटे रहे। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से यह कार्यालय बंद पड़ा था।
बिना अनुमति निर्माण का आरोपजिला प्रशासन का कहना है कि आमतला स्थित यह कार्यालय निर्माण संबंधी जरूरी स्वीकृतियों के बिना खड़ा किया गया था। जांच के दौरान भवन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। प्रशासन का दावा है कि निर्माण की वैधता साबित करने के लिए कई बार मौका दिया गया, लेकिन संबंधित पक्ष की ओर से कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी आधार पर भवन को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, भवन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते जरूरी अनुमति और दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाते तो स्थिति अलग हो सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण नियमानुसार कार्रवाई करना आवश्यक हो गया।
आमतला कार्यालय पर दोपहर बाद शुरू हुई कार्रवाईडायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का यह कार्यालय दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला इलाके में स्थित है। शनिवार दोपहर के बाद से ही कार्यालय के बाहर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई थीं। सबसे पहले पुलिस और केंद्रीय बलों ने पूरे परिसर को अपने कब्जे में लिया। इसके कुछ समय बाद तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे और इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुलडोजर तेज गति से भवन को तोड़ने में लगे रहे, जबकि आसपास सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की निगरानी की गई।
पहले भी भेजे गए थे नोटिसजानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने सबसे पहले 30 जून को अभिषेक बनर्जी के आमतला कार्यालय के नाम नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में भवन निर्माण से संबंधित सभी स्वीकृतियों, नक्शे, अनुमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। प्रशासन ने कार्यालय की वैधता को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा था।
इसके बाद 7 जुलाई को दूसरा नोटिस जारी किया गया। प्रशासन ने इस नोटिस के जरिए एक बार फिर आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही 15 जुलाई को जिला प्रशासन के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए भी कहा गया था।
जवाब नहीं मिलने पर लिया गया सख्त फैसलाप्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि लगातार दो नोटिस भेजे जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इतना ही नहीं, निर्धारित तारीख पर जिला प्रशासन के समक्ष भी कोई प्रतिनिधि या संबंधित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया।
इसी के बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। शनिवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यालय को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जा रही है।