दरभंगा में 'बाल कतरवा' गिरोह की दहशत, लूट के साथ काट रहे हैं महिलाओं और बच्चियों के बाल

बिहार के दरभंगा जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों कथित 'बाल कतरवा' गिरोह को लेकर लोगों में भारी डर का माहौल है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने खासकर महिलाओं और बच्चियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात जब लोग गहरी नींद में होते हैं, तब बदमाश घरों में घुसते हैं और चोरी या लूटपाट के साथ महिलाओं अथवा बच्चियों के बाल काटकर फरार हो जाते हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

ग्रामीणों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि बाल काटने की इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

आठ दिनों में दूसरी बार सामने आई ऐसी घटना

indiatv की खबर के अनुसार, ताजा मामला दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव का है। यहां महज आठ दिनों के भीतर दूसरी बार एक जैसी वारदात सामने आई है। इस बार बदमाश शिक्षक दंपति सुमन कुमार चौधरी के घर में घुस गए और वहां लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।

परिजनों के अनुसार, घटना के दौरान घर में सो रही एक नाबालिग बच्ची के बाल भी काट दिए गए। सुबह जब परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और टेक्निकल सेल की टीम को भी बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा सकें।
दोनों घटनाओं में दिखीं कई चौंकाने वाली समानताएं

पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों मामलों के बीच कई समानताएं सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों घटनाएं गुरुवार की रात को हुईं। दोनों वारदातें एक ही गांव और उसके आसपास के इलाके में हुईं। दोनों मामलों में घरों में लूटपाट की गई और दोनों ही घटनाओं में घर की महिला या बच्ची के बाल काटे गए।

इन्हीं समानताओं को देखते हुए जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय हो सकता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

8 जुलाई को भी हुई थी ऐसी ही वारदात

इससे पहले 8 जुलाई को भी डरहार गांव में इसी तरह की घटना सामने आई थी। उस समय डॉ. पवन कुमार मिश्रा के घर में बदमाशों ने डकैती की थी। आरोप है कि लूटपाट के दौरान अपराधियों ने उनकी बहू को नशीला इंजेक्शन लगाया और उसके बाद उसके बाल काट दिए। वारदात के दौरान लाखों रुपये के जेवर और अन्य कीमती सामान भी लूट लिया गया था।

लगातार दो घटनाओं में एक जैसा तरीका अपनाए जाने के बाद ग्रामीणों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों मामलों के पीछे एक ही गिरोह काम कर रहा है और आखिर महिलाओं तथा बच्चियों के बाल काटने के पीछे अपराधियों का उद्देश्य क्या है। फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।

पुलिस ने जांच तेज की, सबूत जुटाने में जुटी टीम

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में घर में लूटपाट की पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी सामने आया है कि घर में सो रही एक नाबालिग बच्ची के बाल काटे गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और तकनीकी टीम भी सुराग जुटाने में लगी है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इन घटनाओं के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके और इलाके में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके।