नई दिल्ली। केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। खासतौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आगामी फेरबदल में उन्हें मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी या फिर वे अपने मौजूदा पद पर ही बने रहेंगे। इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार उन्हें मौजूदा मंत्रालय के अलावा अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है, हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन गडकरी को एक से अधिक मंत्रालयों का दायित्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। गडकरी पिछले करीब 12 वर्षों से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं और इस दौरान कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। हालांकि कैबिनेट विस्तार की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सरकार इस संबंध में बड़ा फैसला ले सकती है। इस वर्ष संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होने वाला है, जिससे पहले कैबिनेट में बदलाव की संभावनाओं पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है मौकाराजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) मंत्रिपरिषद में कुछ नए और चौंकाने वाले चेहरों को शामिल कर सकता है। चर्चाओं के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि सरकार मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कोई नई जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि इन सभी संभावनाओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इसी क्रम में हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी चर्चाओं में बताया जा रहा है। राजनीति में आने से पहले वे चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा के संपर्क में आए कुछ नेताओं को भी संगठन अथवा सरकार में जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं हैं। इनमें सुखेंदु शेखर रे और संदीप बंदोपाध्याय के नाम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि इन नामों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा संगठन में भी बदलाव के संकेतकेंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के साथ-साथ भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसी बीच भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इसमें संगठन और सरकार से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि बैठक में भाजपा के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार, जनवरी में पार्टी अध्यक्ष का दायित्व संभालने वाले नितिन नवीन के नेतृत्व में गठित होने वाली नई केंद्रीय टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी प्रमुख स्थान मिल सकता है। साथ ही सरकार में कार्यरत कुछ नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने पर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा की नई संगठनात्मक टीम और केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की घोषणा एक साथ की जा सकती है।
अमित शाह के सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम रूप से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कुछ मंत्रियों की छुट्टी की भी अटकलेंसंभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर यह भी चर्चा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को मंत्रिपरिषद से बाहर किया जा सकता है। राजनीतिक अटकलों के अनुसार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और रवनीत सिंह बिट्टू के नाम इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए भाजपा रवनीत सिंह बिट्टू को संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकती है।
वहीं जॉर्ज कुरियन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने न तो जॉर्ज कुरियन और न ही रवनीत सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाया था, जिसके बाद से इन नेताओं की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं जारी हैं। फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और संगठनात्मक बदलाव को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।