दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जारी प्रदर्शन का असर शुक्रवार को भी राजधानी की मेट्रो सेवाओं पर देखने को मिलेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों के मद्देनजर शुक्रवार को भी 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया है। डीएमआरसी के अनुसार, 24 जुलाई की सुबह 7:30 बजे से ये सभी स्टेशन अगले आदेश तक यात्रियों के लिए बंद रहेंगे। हालांकि, पहले की तरह राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी, जिससे यात्री विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच यात्रा कर सकेंगे।
राजधानी में लगातार तीसरे दिन मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहने से लाखों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुवार को शुरुआत में 16 स्टेशनों को बंद किया गया था, लेकिन बाद में दोपहर के समय झंडेवालान मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिया गया। इसके बाद बंद स्टेशनों की संख्या बढ़कर 17 हो गई, जिसे शुक्रवार को भी बरकरार रखा गया है।
आज बंद रहेंगे ये 17 मेट्रो स्टेशन
लोक कल्याण मार्ग
राजीव चौक
पटेल चौक
रामकृष्ण आश्रम मार्ग
बाराखंभा रोड
सुप्रीम कोर्ट
सेवा तीर्थ
जनपथ
मंडी हाउस
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
ITO
दिल्ली गेट
इंद्रप्रस्थ
खान मार्केट
जोर बाग
शिवाजी स्टेडियम
झंडेवालान
लगातार तीसरे दिन प्रभावित रही मेट्रो सेवादिल्ली मेट्रो की सेवाएं पिछले तीन दिनों से लगातार बाधित हैं। जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने, कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और संवेदनशील इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू होने का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा है। स्टेशन बंद होने की वजह से हजारों यात्रियों को अपने दैनिक सफर में अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि गुरुवार को कई स्टेशनों के बंद होने के कारण उन्हें बीच रास्ते में अपनी यात्रा का तरीका बदलना पड़ा। कई लोगों ने मेट्रो के बजाय ऑटो, टैक्सी और कैब सेवाओं का सहारा लिया। इसके कारण न केवल यात्रा का खर्च बढ़ा, बल्कि अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में करीब 40 से 45 मिनट अधिक समय भी लगा। सुबह और शाम के पीक आवर्स में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण रही।
बसों और सड़कों पर भी बढ़ा दबावशाम को कार्यालयों की छुट्टी के समय सार्वजनिक परिवहन पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया। मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने डीटीसी बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों का रुख किया, जिससे बस स्टॉप पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई यात्रियों को बसों में चढ़ने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
दूसरी ओर, जिन लोगों ने निजी वाहन, टैक्सी या ऑटो से सफर किया, उन्हें भी भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई इलाकों में जाम की स्थिति बन गई और लोगों को घर तथा दफ्तर पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो और ट्रैफिक से जुड़े ताजा अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी है।