आधी रात पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर संजय सिंह का तंज, बोले- 'अरे सर आ गए आप, आपका टाइम तो 8 बजे का रहता है...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देशभर के छात्रों और नागरिकों को भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों से निपटने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तैयार किए गए मसौदे को शुक्रवार (24 जुलाई) को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कठोर कानूनी प्रावधानों पर काम कर रही है।

हालांकि, प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर तीखा तंज कसा। उन्होंने पीएम के देर रात सामने आने को लेकर कटाक्ष करते हुए लिखा, अरे सर आ गए आप, आपका टाइम तो 8 बजे का रहता है। आज तो आप रात 12 बजे प्रकट हुए महाराज। अच्छा, आपको 'मुसद्दा' भी मिल गया। मैंने तो सोचा था आपको मसौदा मिला होगा, कोई बात नहीं। संजय सिंह की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई।

फास्ट ट्रैक कोर्ट पर भी उठाए सवाल

संजय सिंह ने अपने बयान में सरकार के प्रस्तावित कदमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, यदि जांच एजेंसियां अदालत के सामने मजबूत सबूत ही पेश नहीं करेंगी, तो सख्त कानून भी प्रभावी साबित नहीं हो पाएगा।

उन्होंने लिखा, फास्ट ट्रैक कोर्ट की नौटंकी मत कीजिए। अगर कोर्ट के सामने आपकी CBI सबूत ही नहीं रखेगी तो अदालत क्या करेगी? आज ही आपकी CBI ने कहा है कि पेपर लीक मामले में गिरफ्तार संजीव मुखिया के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने 2024 के पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उस मामले में सीबीआई ने 90 दिनों तक चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिसके कारण आरोपी कानूनी राहत पाने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि केवल नए कानूनों की घोषणा करने से स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि प्रभावी जांच और समय पर कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।
वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों की मेहनत और भविष्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले ढाई महीनों से लगातार इस समस्या से निपटने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूरी क्षमता के साथ काम करते हुए करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई और कुछ दिन पहले, 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि देशभर से सफल छात्रों की सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार केवल इतना करके संतुष्ट नहीं बैठने वाली।

पीएम मोदी ने आगे बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों को सख्त कानूनी मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागों ने लगातार काम करते हुए देर रात तक अपना प्रारूप तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार (24 जुलाई) को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मसौदे पर चर्चा की जाएगी, जिसमें पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।