पिज्जा, बिरयानी और बर्गर की डिलीवरी पर सख्ती, जंतर-मंतर को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट

दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को ऐप आधारित राइड सर्विस, फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने इन कंपनियों से कहा है कि जिन इलाकों में निषेधाज्ञा यानी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, वहां अपनी सेवाओं को नियंत्रित करें। इसके लिए कंपनियों को अस्थायी जियो-फेंसिंग लागू करने या जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए सेवाएं रोकने का सुझाव भी दिया गया है।

धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने वाले क्षेत्रों में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में जिन इलाकों में यह आदेश प्रभावी है, वहां ऑनलाइन फूड ऑर्डर, क्विक डिलीवरी और ऐप आधारित परिवहन सेवाओं का उपयोग प्रभावित हो सकता है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शन स्थलों पर भी देखने को मिल सकता है, जहां पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्रों में लोगों की अनावश्यक आवाजाही और भीड़ बढ़ने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इसी कारण फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

एडवाइजरी में कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अपने डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवरों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सेवाओं का संचालन स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप करें। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी माध्यमों, जैसे जियो-फेंसिंग, का उपयोग कर सेवाओं को सीमित किया जा सकता है।
आम लोगों के लिए भी जारी की गई सलाह

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो धारा 163 लागू क्षेत्रों की यात्रा से बचें। लोगों को पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और ट्रैफिक संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करने के लिए कहा गया है।

पुलिस का मानना है कि लोगों के सहयोग से ही भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में व्यवस्था बनाए रखना आसान होगा। इसलिए आम नागरिकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है फैसला

हालांकि दिल्ली पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में किसी विशेष स्थान का नाम नहीं लिया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के मद्देनजर उठाया गया है। यहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होने पहुंच रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल लोग आने-जाने के लिए कैब और बाइक टैक्सी जैसी ऐप आधारित सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं पोस्टर, बैनर, लाउडस्पीकर से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरी सामान भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मंगाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और दैनिक जरूरत का सामान भी लगातार डिलीवर किया जा रहा है, जिससे इलाके में लोगों की आवाजाही और भीड़ में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

देश-विदेश से समर्थक भी भेज रहे हैं भोजन

जानकारी के अनुसार, आंदोलन को समर्थन देने वाले कई लोग देश और विदेश से ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए पिज्जा, बिरयानी, बर्गर और अन्य खाद्य सामग्री भेज रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे ऑर्डर जंतर-मंतर क्षेत्र में पहुंचने से यातायात और सुरक्षा प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

माना जा रहा है कि इसी स्थिति को नियंत्रित करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने ऐप आधारित सेवाओं को लेकर यह नई एडवाइजरी जारी की है। आने वाले दिनों में संबंधित कंपनियां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार अपनी सेवाओं में आवश्यक बदलाव कर सकती हैं।