वो बजट जिसने बाजार की नींद उड़ा दी थी, जब सेंसेक्स एक झटके में 2000 अंक टूट गया

यूनियन बजट 2026 की दस्तक के साथ ही एक बार फिर दलाल स्ट्रीट में हलचल तेज हो गई है। जैसे ही वित्त मंत्री संसद की ओर बढ़ती हैं, शेयर बाजार से जुड़े करोड़ों निवेशकों की निगाहें हर शब्द और हर ऐलान पर टिक जाती हैं। भारतीय बजट का इतिहास ऐसे कई लम्हों से भरा पड़ा है, जब एक घोषणा ने बाजार को आसमान पर पहुंचा दिया, तो किसी फैसले ने निवेशकों की पूंजी को हिला कर रख दिया। इन्हीं ऐतिहासिक बजट पलों में 2022 का बजट आज भी निवेशकों के ज़हन में ताजा है, जिसने बाजार को अप्रत्याशित झटका दिया था।

उस साल के बजट में सरकार ने ऐसा फैसला लिया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। वित्त मंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर सीधा 30 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान कर दिया। यहीं बात खत्म नहीं हुई—क्रिप्टो में हुए नुकसान को किसी अन्य मुनाफे से एडजस्ट करने की सुविधा भी पूरी तरह खत्म कर दी गई। इसके अलावा, हर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर 1 प्रतिशत TDS लगाने का प्रावधान किया गया। इस फैसले ने उभरते डिजिटल एसेट बाजार को बड़ा झटका दिया और इसका असर सिर्फ क्रिप्टो तक सीमित नहीं रहा।

बजट के बाद बाजार में मची 2000 अंकों की अफरातफरी

बजट भाषण के दौरान बाजार में हल्की अस्थिरता जरूर दिखी, लेकिन असली भूचाल इसके बाद आया। बजट के तुरंत बाद के कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 2000 अंकों तक टूट गया। निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया, क्योंकि उन्हें लगने लगा कि सरकार अब नई डिजिटल अर्थव्यवस्था, टेक्नोलॉजी और फिनटेक सेक्टर पर और सख्त रुख अपना सकती है। टेक और फिनटेक शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही भारी दबाव में आ गए।

टैक्स से ज्यादा डर ने बढ़ाई गिरावट

विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार को सबसे ज्यादा डर टैक्स रेट से नहीं, बल्कि अचानक आए इस फैसले से लगा था। बिना किसी संकेत या ट्रांजिशन पीरियड के एक पूरे सेक्टर को सबसे ऊंचे टैक्स स्लैब में डाल दिया गया। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। हालात तब और बिगड़ गए, जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकालनी शुरू कर दी, जिससे गिरावट और गहरी होती चली गई।

झटकों के बाद बाजार की दमदार वापसी

हालांकि शेयर बाजार की यही खासियत है कि वह शुरुआती झटकों के बाद खुद को संभाल लेता है। भारी गिरावट और घबराहट के दौर के बाद बाजार ने जबरदस्त वापसी की। जैसे-जैसे बजट भाषण आगे बढ़ा, निवेशकों को सरकार के दीर्घकालिक विजन और नीतिगत दिशा की बेहतर समझ आने लगी। नतीजा यह रहा कि दिन के अंत तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सेंसेक्स 849.40 अंकों की मजबूती के साथ 58,862.57 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 237 अंकों की बढ़त के साथ 17,576.85 के स्तर पर पहुंच गया।