गुजरात के वड़ोदरा में पिछले 24 घंटों से बारिश ने तबाही मचा रखी है। शहर में 12 घंटों के भीतर 554 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश से शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश के चलते 1 अगस्त को निजी और सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं हवाई एवं रेल सेवा भी प्रभावित हुई है। वडोदरा जाने वाली 4 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही शहरी प्रशासन ने शहर के निचले इलाकों में रह रहे 4000 से अधिक लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया है। बरसात की वजह से शहर में एक जगह दीवार गिरने से 4 लोगों की मौत की खबर भी है। वडोदरा में बारिश ने 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। पिछले 7 घंटे से हो रही बारिश की वजह से वडोदरा के बीच से गुजरने वाली विश्वामित्र नदी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसकी वजह से नदी में रहने वाले मगरमच्छ अब वडोदरा की सड़कों पर घूम रहे हैं। स्थानीय प्रसाशन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन मगरमच्छों को वापस नदी में भेजने की है, जबतक मगरमच्छ वापस नहीं होते हैं तबतक सड़कों पर खतरा बना रहेगा।
ये देखिये विश्वामित्री में बाढ़ के बाद वडोदरा शहर में मजे से घूम रहे हैं मगरमच्छ। बस कोई हादसा ना हो जाये। @CMOGuj @vijayrupanibjp
सड़कों पर मगरमच्छ के तैरने के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। वीडियो में मगरमच्छ साफ देखे जा सकते हैं। पहले वीडियों में दो मगरमच्छ एक घर के नीचे की सड़क पर तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं वही दूसरे वीडियों में एक मगरमच्छ पानी में खड़े एक कुत्ते पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। वडोदरा की विश्वामित्री नदी में लगभग 260 मगरमच्छ हैं और भारी बरसात की वजह से इस नदी में पानी का स्तर बढ़ा है और शहर की सड़कों तक पानी आ गया है जिस वजह से नदी के मगरमच्छ सड़कों पर घूम रहे हैं।
वडोदरा प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है, मनुष्य और मगरमच्छ के बीच घर्षण को रोकना। क्योंकि वडोदरा की विश्वामित्री नदी में मौजूद करीब 260 मगरमच्छ अब शहर की सड़कों पर
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बता दे, वडोदरा में बारिश का सालाना कोटा 96.5 सेमी (965 मिमी) है। वही 12 घंटे में 55.4 सेमी (554 मिमी) बारिश दर्ज की गई। यानी सालभर के कोटे का आधा पानी महज 12 घंटे में बरस गया। इसमें से 28.6 सेमी (286 मिमी) बारिश आखिरी के 4 घंटों में रिकॉर्ड की गई।














