न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

आखिर क्यों कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान? इन प्वाइंट्स में समझिए पूरा विवाद

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आज उत्तर भारत में किसानों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा के किसान दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं, लेकिन बॉर्डर पर ही उन्हें रोकने की तैयारी है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 26 Nov 2020 12:30:50

आखिर क्यों कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान? इन प्वाइंट्स में समझिए पूरा विवाद

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आज उत्तर भारत में किसानों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा के किसान दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं, लेकिन बॉर्डर पर ही उन्हें रोकने की तैयारी है। इस मार्च को रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार ने अपने बॉर्डर सील कर दिए हैं। इसके अलावा भारी पुलिस फोर्स भी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां किसानों और पुलिस के बीच तनाव हुआ। इसके अलावा राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया दी जा रही है। खबर है कि सरकार की तरफ से ये साफ कर दिया गया है कि जो कानून बनाया गया है, वो किसानों के हित में है।

आपको बता दें जिन बिलों को मोदी सरकार (Modi Government) किसानों के लिए वरदान बता रही है आखिर उसके खिलाफ किसान क्यों सड़कों पर उतरे हुए हैं। समझते हैं कि इस आंदोलन की जड़ क्या है?

- किसानों को सबसे बड़ा डर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP- Minimum Support Price) खत्म होने का है। इस बिल के जरिए सरकार ने कृषि उपज मंडी समिति (APMC-Agricultural produce market committee) यानी मंडी से बाहर भी कृषि कारोबार का रास्ता खोल दिया है। आपको बता दें कि मंडी से बाहर भी ट्रेड एरिया घोषित हो गया है। मंडी के अंदर लाइसेंसी ट्रेडर किसान से उसकी उपज एमएसपी पर लेते हैं, लेकिन बाहर कारोबार करने वालों के लिए एमएसपी को बेंचमार्क नहीं बनाया गया है। इसलिए मंडी से बाहर एमएसपी मिलने की कोई गारंटी नहीं है।

farmers,farmers protest in delhi,delhi farmers protest,news

- सरकार ने बिल में मंडियों को खत्म करने की बात कहीं पर भी नहीं लिखी है, लेकिन उसका इंपैक्ट मंडियों को तबाह कर सकता है। इसका अंदाजा लगाकर किसान डरा हुआ है। इसीलिए आढ़तियों को भी डर सता रहा है। इस मसले पर ही किसान और आढ़ती एक साथ हैं। उनका मानना है कि मंडियां बचेंगी तभी तो किसान उसमें एमएसपी पर अपनी उपज बेच पाएगा। किसानों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि आढ़तिया या व्यापारी अपने 6-7%टैक्स का नुकसान न करके मंडी से बाहर खरीद करेगा। जहां उसे कोई टैक्स नहीं देना है। इस फैसले से मंडी व्यवस्था हतोत्साहित होगी। मंडी समिति कमजोर होंगी तो किसान धीरे-धीर बिल्कुल बाजार के हवाले चला जाएगा। जहां उसकी उपज का सरकार द्वारा तय रेट से अधिक भी मिल सकता है और कम भी।

- इस बिल से ‘वन कंट्री टू मार्केट’ वाली नौबत पैदा होती नजर रही है। क्योंकि मंडियों के अंदर टैक्स का भुगतान होगा और मंडियों के बाहर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अभी मंडी से बाहर जिस एग्रीकल्चर ट्रेड की सरकार ने व्यवस्था की है उसमें कारोबारी को कोई टैक्स नहीं देना होगा। जबकि मंडी के अंदर औसतन 6-7% तक का मंडी टैक्स (Mandi Tax) लगता है।

farmers,farmers protest in delhi,delhi farmers protest,news

- किसानों की इस चिंता के बीच राज्‍य सरकारों-खासकर पंजाब और हरियाणा- को इस बात का डर सता रहा है कि अगर निजी खरीदार सीधे किसानों से अनाज खरीदेंगे तो उन्‍हें मंडियों में मिलने वाले टैक्‍स का नुकसान होगा। दोनों राज्यों को मंडियों से मोटा टैक्स मिलता है, जिसे वे विकास कार्य में इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, हरियाणा में बीजेपी का शासन है इसलिए यहां के सत्ताधारी नेता इस मामले पर मौन हैं।

- एक बिल कांट्रैक्ट फार्मिंग से संबंधित है। इसमें किसानों के अदालत जाने का हक छीन लिया गया है। कंपनियों और किसानों के बीच विवाद होने की सूरत में एसडीएम फैसला करेगा। उसकी अपील डीएम के यहां होगी न कि कोर्ट में। किसानों को डीएम, एसडीएम पर विश्वास नहीं है क्योंकि उन्हें लगता है कि इन दोनों पदों पर बैठे लोग सरकार की कठपुतली की तरह होते हैं। वो कभी किसानों के हित की बात नहीं करते।

- केंद्र सरकार जो बात एक्ट में नहीं लिख रही है उसका ही वादा बाहर कर रही है। इसलिए किसानों में भ्रम फैल रहा है। सरकार अपने ऑफिशियल बयान में एमएसपी जारी रखने और मंडियां बंद न होने का वादा कर रही है, पार्टी फोरम पर भी यही कह रही है, लेकिन यही बात एक्ट में नहीं लिख रही। इसलिए शंका और भ्रम है। किसानों को लगता है कि सरकार का कोई भी बयान एग्रीकल्चर एक्ट में एमएसपी की गारंटी देने की बराबरी नहीं कर सकता। क्योंकि एक्ट की वादाखिलाफी पर सरकार को अदालत में खड़ा किया जा सकता है, जबकि पार्टी फोरम और बयानों का कोई कानूनी आधार नहीं है। हालांकि, सरकार सिरे से किसानों की इन आशंकाओं को खारिज कर रही है।

बता दे, किसानों के प्रदर्शन में पंजाब के करीब तीस किसान यूनियन शामिल हैं, इसके अलावा हरियाणा, पश्चिमी यूपी के कुछ किसान संगठनों का भी समर्थन है। किसानों की मांग है कि केंद्र द्वारा लाए गए कानून में बदलाव किया जाए, एमएसपी को शामिल किया जाए और मंडी को लेकर स्थिति साफ की जाए।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
10 दिन लगातार करेले का जूस पीने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? जानिए
10 दिन लगातार करेले का जूस पीने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? जानिए
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है