
टाेल बूथ पर शुक्रवार काे हुई मारपीट और ताेड़फाेड़ के बाद शनिवार काे जब त्रिवेणी टोल बूथ के पास नाकाबंदी हाे रखी थी। उस दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक स्काॅर्पियो कार काे रोक कर पूछताछ की ताे उसमें सवार तीन शातिर बदमाश पुलिस के हाथ लग गए। तलाशी लेने पर तीनाें बदमाशाें के पास पुलिस काे एक पिस्टल मय मैगजीन, 47 जिन्दा कारतूस, दो और अलग से मैगजीन बरामद हुई।
उनके बारे में आराेपियाें से पूछताछ की जा रही है। एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि अपराधियों व अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए नीमकाथाना एएसपी रतनलाल भार्गव, डीएसपी गिरधारीलाल शर्मा व अजीतगढ़ एसएचओ सवाई सिंह के नेतृत्व में नाकाबंदी की गई थी। जरिए मुखबिर सूचना मिली कि एक स्काॅर्पियाे गाड़ी में कुछ बदमाश हथियारों से लैस होकर गुजर रहे हैं।
इस पर पुलिस टीम ने स्काॅर्पियो काे राेक कर उसमें सवार तीन जनाें से पूछताछ की ताे पता लगा कि तीनाें शातिर बदमाश हैं। इनमें एक दिवराला निवासी लोकेंद्र सिंह राजपूत (30), झोटवाड़ा (जयपुर) मकान नम्बर दो शिल्प काॅलोनी का रहने वाला निकला।
दूसरा वैष्णोदेवी नगर निवासी करणसिंह राजपूत (26) व तीसरा दिवराला निवासी महिपाल सिंह उर्फ चिंटू राजपूत (30) था। उनके पास से एक पिस्टल मय मैगजीन, दो अलग से मैगजीन और 47 कारतूस बरामद हुए। तीनाें के पास हथियार मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दाे जनाें की हत्या में शामिल है महिपाल
थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि पकड़ में आया आराेपी महिपाल सिंह उर्फ चिंटू हत्या के दाे मामलाें में शामिल हाेने के कारण पहले भी गिरफ्तार हाे चुका है। आराेप है कि इसने एक अजमेर और दूसरी मकराना में हत्या की थी। इसके खिलाफ अजीतगढ़, जयपुर शहर में विद्याधर नगर, जयपुर ग्रामीण के कानोता, अमरसर, नागौर के मकराना, अजमेर के सावर थानों में गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। जबकि लोकेंद्र सिंह के खिलाफ अजीतगढ़ थाने में वर्ष 2015 में दो व 2020 में एक मामला दर्ज हैं। करण सिंह के खिलाफ वर्ष 2010 में जयपुर शहर के झोटवाड़ा में मामला दर्ज बताया जा रहा है।














