
यूपी के बागपत जेल में सोमवार सुबह कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। मुन्ना बजरंगी अब तक 100 से ज्यादा मर्डर कर चुका था। उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं। लेकिन 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। माना जाता है कि मुन्ना को अपने एनकाउंटर का डर सता रहा था। इसलिए उसने खुद एक योजना के तहत दिल्ली पुलिस से अपनी गिरफ्तारी कराई थी। मुन्ना की गिरफ्तारी के इस ऑपरेशन में मुंबई पुलिस को भी ऐन वक्त पर शामिल किया गया था। बाद में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि दिल्ली के विवादास्पद एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजबीर सिंह की हत्या में मुन्ना बजरंगी का हाथ होने का शक है। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया। तब से उसे अलग अलग जेल में रखा जा रहा है। इस दौरान उसके जेल से लोगों को धमकाने, वसूली करने जैसे मामले भी सामने आते रहे हैं।
17 साल की उम्र की मुन्ना बजरंगी पर दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
पूर्वांचल में अपराध की दुनिया का कुख्यात नाम प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बरजंगी का जन्म 1967 में यूपी के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। मुन्ना बजरंगी के पिता पारसनाथ सिंह ने उसे पढ़ाना चाहा, लेकिन उसने 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। बताया जाता है कि 15 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसे कई ऐसे शौक लग गए जो उसे जुर्म की दुनिया में ले जाने के लिए काफी थे। जौनपुर के सुरेही थाना में 17 साल की उम्र में ही उसके खिलाफ मारपीट और अवैध असलहा रखने का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में कुख्यात होता चला गया।














