न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

ब्रिटिश हुकूमत की नींव को कमजोर किया गांधीजी के इन आन्दोलनों ने, आइये जानें

आज हम आपको महात्मा गांधी के उन प्रमुख आंदोलन की जानकारी देने जा रहे हैं जिसने ब्रिटिश हुकूमत को किल कर रख दिया।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Sat, 28 Sept 2019 1:38:56

ब्रिटिश हुकूमत की नींव को कमजोर किया गांधीजी के इन आन्दोलनों ने, आइये जानें

ब्रिटिश हुकूमत से देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी के योगदान को कोई नहीं भुला सकता हैं। महात्मा गांधी के प्रयासों के चलते ही देश में कई आन्दोलन हुए जिन्होंने अंग्रेज सरकार की नींव को कमजोर करने का काम किया हैं। इन्हीं आंदोलन के चलते ही आज हम इस स्वतंत्र भारत की हवा में चैन की सांस ले पा रहे हैं। आज हम आपको महात्मा गांधी के उन प्रमुख आंदोलन की जानकारी देने जा रहे हैं जिसने ब्रिटिश हुकूमत को किल कर रख दिया।

भारत छोड़ो आंदोलन

भारत छोड़ो आंदोलन 9 अगस्त, 1942 ई। को संपूर्ण भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर प्रारम्भ हुआ था। भारत की आजादी से सम्बन्धित इतिहास में दो पड़ाव सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण नजर आते हैं- प्रथम ‘1857 ई। का स्वतंत्रता संग्राम’ और द्वितीय ‘1942 ई। का भारत छोड़ो आन्दोलन’। भारत को जल्द ही आज़ादी दिलाने के लिए महात्मा गांधी द्वारा अंग्रेज शासन के विरुद्ध यह एक बड़ा ‘नागरिक अवज्ञा आन्दोलन’ था। ‘क्रिप्स मिशन’ की असफलता के बाद गांधी जी ने एक और बड़ा आन्दोलन प्रारम्भ करने का निश्चय ले लिया। इस आंदोलन को ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ का नाम दिया गया।

movements of gandhi ji,gandhi ji,mahatma gandhi,2 october,gandhi jayanti,britishers

दांडी मार्च

दांडी मार्च से अभिप्राय उस पैदल यात्रा से है, जो महात्मा गांधी और उनके स्वयं सेवकों द्वारा 12 मार्च, 1930 ई। को प्रारम्भ की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था- अंग्रेजों द्वारा बनाये गए ‘नमक कानून को तोड़ना। गांधी जी ने अपने 78 स्वयं सेवकों, जिनमें वेब मिलर भी एक था, के साथ साबरमती आश्रम से 358 कि।मी। दूर स्थित दांडी के लिए प्रस्थान किया। लगभग 24 दिन बाद 6 अप्रैल, 1930 ई। को दांडी पहुंचकर उन्होंने समुद्रतट पर नमक कानून को तोड़ा। महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा के दौरान सूरत, डिंडौरी, वांज, धमन के बाद नवसारी को यात्रा के आखिरी दिनों में अपना पड़ाव बनाया था। यहां से कराडी और दांडी की यात्रा पूरी की थी। नवसारी से दांडी का फासला लभभग 13 मील का है।

चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह

भारत में गांधी जी के नेतृत्व में सत्याग्रह आंदोलन के अंर्तगत अनेक कार्यक्रम चलाए गये थे। जिनमें प्रमुख है, चंपारण सत्याग्रह, बारदोली सत्याग्रह और खेड़ा सत्याग्रह। ये सभी आन्दोलन भारत की आजादी के प्रति महात्मा गांधी के योगदान को परिलक्षित करते हैं। गांधी जी ने कहा था कि, ये एक ऐसा आंदोलन है जो पूरी तरह सच्चाई पर कायम है और हिंसा का इसमें कोई स्थान नहीं है। बिहार के उत्तर-पश्चिम में स्थित चंपारण वह इलाका है जहां सत्याग्रह की नींव पड़ी। नील की खेती के नाम पर अंग्रेजी शासन द्वारा किसानों के शोषण के खिलाफ यहां गांधी के नेतृत्व में 1917 में सत्याग्रह आंदोलन चला था। खेड़ा सत्याग्रह गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों का अंग्रेज सरकार की कर-वसूली के विरुद्ध एक सत्याग्रह (आन्दोलन) था।

movements of gandhi ji,gandhi ji,mahatma gandhi,2 october,gandhi jayanti,britishers

संविनय अवज्ञा आंदोलन

इस आंदोलन के बारे में बात की जाए तो यह उन आंदोलन में से एक था जो ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ चलाया गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा इस आंदोलन को चलाया गया था। 1929ई। तक भारत को ब्रिटेन के इरादों का पता लगने लग गया था जिसके बाद भारत को यह शक था कि वह औपनिवेशिक स्वराज्य प्रदान करने की अपनी घोषणा पर अमल करेगा या नहीं करेगा। इसको लेकर घोषणा कर दी गई थी कि लाहौर अधिवेशन में उसका लक्ष्य भारत के लिए पूर्ण स्वाधीनता प्राप्त करना था। इस आंदोलन के तहत नमक कानून का उल्लंघन कर खुद ही नमक बनाया गया।

खिलाफत आंदोलन

खिलाफत आंदोलन (1919-1924) भारत में मुख्यत: मुसलमानों द्वारा चलाया गया राजनीतिक-धार्मिक आंदोलन था। इस आंदोलन का उद्देश्य तुर्की में खलीफा के पद की पुन:स्थापना कराने के लिये अंग्रेजों पर दबाव बनाना था।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख, जानिए आखिर क्यों बढ़ा तनाव और क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख, जानिए आखिर क्यों बढ़ा तनाव और क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता
‘TMC के गुंडों पर कसेगा शिकंजा, 7वां वेतन आयोग होगा लागू’—हल्दिया से पीएम मोदी ने बंगाल को दी 6 बड़ी गारंटियां
‘TMC के गुंडों पर कसेगा शिकंजा, 7वां वेतन आयोग होगा लागू’—हल्दिया से पीएम मोदी ने बंगाल को दी 6 बड़ी गारंटियां
दिल्ली पहुंचते ही CM नीतीश कुमार का पहला बयान, बोले- ‘20 साल बिहार में काम किया, अब यहां भी जिम्मेदारी निभाएंगे’
दिल्ली पहुंचते ही CM नीतीश कुमार का पहला बयान, बोले- ‘20 साल बिहार में काम किया, अब यहां भी जिम्मेदारी निभाएंगे’
AAP के विवाद के बीच राघव चड्ढा ने दिया बड़ा इशारा, क्या उठाएंगे धमाकेदार कदम?
AAP के विवाद के बीच राघव चड्ढा ने दिया बड़ा इशारा, क्या उठाएंगे धमाकेदार कदम?
दिल्ली में IAS अफसरों के बड़े फेरबदल, फाइनेंस से उद्योग विभाग तक ताबड़तोड़ ट्रांसफर, प्रशासन में हड़कंप
दिल्ली में IAS अफसरों के बड़े फेरबदल, फाइनेंस से उद्योग विभाग तक ताबड़तोड़ ट्रांसफर, प्रशासन में हड़कंप
ममता कुलकर्णी ने महिलाओं की सेहत पर जताई चिंता, कहा- यह समस्या केवल महिलाओं तक सीमित नहीं
ममता कुलकर्णी ने महिलाओं की सेहत पर जताई चिंता, कहा- यह समस्या केवल महिलाओं तक सीमित नहीं
अप्रैल में बन रहा दुर्लभ द्विद्वादश राजयोग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे कुबेर के खजाने!
अप्रैल में बन रहा दुर्लभ द्विद्वादश राजयोग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे कुबेर के खजाने!
तरबूज खाने का सही वक्त कौन सा है, जानें किस समय सेवन से मिलते हैं अधिकतम फायदे
तरबूज खाने का सही वक्त कौन सा है, जानें किस समय सेवन से मिलते हैं अधिकतम फायदे
वैभव सूर्यवंशी के तूफानी खेल ने ईशान किशन और ऋषभ पंत का रिकॉर्ड किया ध्वस्त, IPL में बनी नई सनसनी
वैभव सूर्यवंशी के तूफानी खेल ने ईशान किशन और ऋषभ पंत का रिकॉर्ड किया ध्वस्त, IPL में बनी नई सनसनी
Video: आखिरी गेंद तक हाई-वोल्टेज मुकाबला, डेविड मिलर की भूल और दिल्ली की 1 रन से हार
Video: आखिरी गेंद तक हाई-वोल्टेज मुकाबला, डेविड मिलर की भूल और दिल्ली की 1 रन से हार
Game of Thrones के अभिनेता माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद कहा अलविदा
Game of Thrones के अभिनेता माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद कहा अलविदा
‘मैं यहां कपड़े उतारने नहीं आई...’ गलत मांगों पर भड़की एक्ट्रेस, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब
‘मैं यहां कपड़े उतारने नहीं आई...’ गलत मांगों पर भड़की एक्ट्रेस, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब
11 अप्रैल से शनि-बुध का महा-संयोग देगा जबरदस्त फायदा, इन 4 राशियों के लिए 20 दिन रहेंगे बेहद शुभ!
11 अप्रैल से शनि-बुध का महा-संयोग देगा जबरदस्त फायदा, इन 4 राशियों के लिए 20 दिन रहेंगे बेहद शुभ!
6 साल की उम्र में जीता दिल, ‘मिस्टर इंडिया’ बनी पहली और आखिरी फिल्म, 38 साल बाद बदली पहचान, आज दिखती हैं बेहद खूबसूरत
6 साल की उम्र में जीता दिल, ‘मिस्टर इंडिया’ बनी पहली और आखिरी फिल्म, 38 साल बाद बदली पहचान, आज दिखती हैं बेहद खूबसूरत