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  • राज्यसभा का 250वां सत्र : PM मोदी ने कहा - भारत की अनेकता में एकता का जो सूत्र है वह सदन में नजर आता है, बड़ी बातें

राज्यसभा का 250वां सत्र : PM मोदी ने कहा - भारत की अनेकता में एकता का जो सूत्र है वह सदन में नजर आता है, बड़ी बातें

By: Pinki Mon, 18 Nov 2019 3:49 PM

राज्यसभा का 250वां सत्र :  PM मोदी ने कहा -  भारत की अनेकता में एकता का जो सूत्र है वह सदन में नजर आता है, बड़ी बातें

सोमवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। राज्यसभा के 250वें सत्र के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा इस सदन ने देश को दूरदर्शी बनाया और सत्ता पक्ष को निरंकुश होने से रोके रखा। पीएम मोदी के भाषण की सबसे बड़ी बातें पढ़ें यहां...

पीएम मोदी ने कहा - सदन ने बदली हुई परिस्थितियों को आत्मसात करते हुए अपने आपको ढालने का प्रयास किया। इसके लिए सदन के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। यह हमारी विकास यात्रा का प्रतिबिम्ब है। वैश्विक परिदृश्य में भारत किस तरह से नेतृत्व की क्षमता रखता है, यह इस सदन से पता चलता है।

पीएम मोदी ने कहा - सदन के दो पहलू खास हैं। एक स्थायित्व और दूसरा विविधता। लोग आते हैं और जाते हैं लेकिन, स्थायित्व बना रहता है। यह भारत के संघीय ढांचे की आत्मा हर पल प्रेरित करती है। भारत की अनेकता में एकता का जो सूत्र है, उसकी सबसे बड़ी ताकत सदन में नजर आती है।

पीएम मोदी ने कहा - हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पार करना बहुत सरल नहीं होता है, लेकिन देश में उन लोगों की उपयोगिता कम नहीं होती है। उनका अनुभव और सामर्थ्य कम नहीं होता है। उनका लाभ देश के राजनीतिक जीवन, नीति निर्धारण में मिलता है।

पीएम मोदी ने कहा - देश की हस्तियों ने इस सदन का नेतृत्व किया है। आजादी के बाद बहुत सारी चीजें गढ़नी थीं, उस समय जिस परिपक्वता के साथ सबने नेतृत्व किया, यह बहुत बड़ी बात है।

पीएम मोदी ने कहा - पूर्व पीएम अटल विहारी वाजपेयी ने 2003 में राज्यसभा के 200वें सत्र के दौरान कहा था कहा था कि किसी को भी हमारे सेकंड हाउस को सेकंडरी हाउस बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमें इसे आत्मसात करना चाहिए कि संसद का सेकंड हाउस कभी सेकेंडरी हाउस नहीं हो सकता। आज के समय में अटलजी की बात को कहना चाहूंगा कि राज्यसभा को भारत के विकास के लिए सपोर्टिव हाउस बने रहना चाहिए। जब हमारी संसदीय प्रणाली के 50 साल हुए थे, तब अटलजी ने कहा था कि एक नदी का प्रवाह तभी तक अच्छा रहता है, जब तक कि उसके किनारे मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा था कि भारत के संसदीय प्रवाह का एक किनारा लोकसभा है और दूसरा किनारा राज्यसभा है। ये दो मजबूत रहेंगे तभी लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रवाह सही तरह से आगे बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने कहा - 250 सत्रों की यात्रा और अनुभव के बाद हमारा आने वाली पीढ़ियों के लिए दायित्व और बढ़ जाता है। क्या हम राधाकृष्णन जी की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं। मुझे उम्मीद है कि सदन की मौजूदा पीढ़ी इस दिशा में निरंतर प्रयास करती रहेगी। कई बातों तो नए सिरे से देखना का अवसर मुझे मिला और मैं इससे लाभान्वित हुआ हूं।

पीएम मोदी ने कहा - हमारे देश में एक लंबा कालखंड ऐसा था जब विपक्ष जैसा कुछ खास नहीं था। उस समय शासन में बैठे लोगों को इसका बड़ा लाभ भी मिला। लेकिन उस समय भी सदन में ऐसे अनुभवी लोग थे जिन्होंने शासन व्यवस्था में निरंकुशता नहीं आने दी। ये हम सबके लिए स्मरणीय है।

पीएम मोदी ने कहा - तीन तलाक का कानून सभी को लगता था कि राज्यसभा में अटक जाएगा। लेकिन, इसी सदन ने महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा काम किया। हमारे देश में आरक्षण के चलते हर पर संघर्ष के बीज बोए गए हैं। इसी सदन में सामान्य वर्ग के गरीब परिवार का 10% आरक्षण निश्चित किया। जीएसटी के लिए हर किसी ने मेहनत की। कमियां हैं, या नहीं हैं। लेकिन, वन नेशन और वन टैक्स के लिए देश को दिशा देने का काम इसी सदन ने किया है। देश की एकता और अखंडता के लिए अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने की शुरुआत पहले इसी सदन में हुई, उसके बाद लोकसभा में यह हुआ।

पीएम मोदी ने कहा - एनसीपी और बीजेडी 2 दल ऐसे हैं जिन्होंने खुद में यह अनुशासन तय किया है कि विरोध में वेल में नहीं जाएंगे। ऐसा करने से न तो हमारी राजनीति में कमी आई और न ही एनसीपी की।

पीएम मोदी ने कहा - ये 2019 का आखिरी सत्र है और बहुत महत्वपूर्ण है। इस सदन के माध्यम से देशवासियों के लिए भी एक जागृति का अवसर बन सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। मुझे उम्मीद है कि इस सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सभी दलों का सहयोग मिलेगा।

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