मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्ट कैलाश के इस्कॉन मंदिर में 670 पेज वाली एक विशाल भगवत गीता का अनावरण किया है जिसका वजन 800 किलोग्राम है। यह गीता 3 मीटर लंबी है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भगवत गीता के दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह एक अनुपम उदाहरण है। पीएम मोदी ने कहा कि ये अवसर मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि दो दशक पहले अटल जी ने इस मंदिर परिसर का शिलान्यास किया था। इस्कॉन के अनुसार यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक ग्रंथ है।
इस्कॉन मंदिर पहुंचने के लिए पीएम मोदी ने दिल्ली के खान मार्केट मेट्रों स्टेशन से मेट्रो की सवारी की। पीएम मोदी को अक्सर ही मेट्रो का सफर करते देखा जाता है। दरअसल, पीएम मोदी को जब भी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के किसी कार्यक्रम में जाना होता है तो, वह सड़क मार्ग की जगह मेट्रो की यात्रा से ही यात्रा करते हैं। वहीं, यात्रा के दौरान पीएम मोदी को अपने बीच पाकर सहयात्रियों ने उनके साथ सेल्फी ली।
#WATCH Delhi: Prime Minister Narendra Modi inaugurates the largest Bhagavad Gita of the world, at ISKCON temple. pic.twitter.com/zOnmLQJiRx
— ANI (@ANI) February 26, 2019
पीएम मोदी ने कहा, "देश-विदेश की अनेक भाषाओं में श्रीमद् भगवद् गीता का अनुवाद हो चुका है। लोकमान्य तिलक ने जेल में रहकर गीता के रहस्य को भी लिखा है। उन्होंने मराठी में गीता के ज्ञान को लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने गीता का गुजराती में भी अनुवाद किया था।" पीएम ने कहा, "अगर आप विद्यार्थी हैं और अनिर्णय की स्थिति में हैं, आप किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष हैं या फिर मोक्ष की कामना रखने वाले योगी आपको अपने हर प्रश्न का उत्तर श्रीमद् भगवद् गीता में मिल जाएगा।"
इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्सियसनेस (ISKCON) को 'हरे कृष्णा' आंदोलन के लिए भी जाना जाता है। इस संस्था के दुनिया भर में 400 से ज्यादा मंदिर हैं साथ ही 100 से ज्यादा शाकाहारी रेस्टोरेंट और समाज सेवी प्रोजेक्ट भी चलाती है।














