
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress Rahul Gandhi) अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेता ए. के. एंटनी ने कहा कि पिछले कुछ समय से मांग उठ रही थी कि राहुल गांधी को अमेठी के साथ-साथ दक्षिण भारत की किसी सीट से लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से लगातार इस तरह की मांग उठ रही थी।' एंटनी ने कहा कि इसलिए फैसला लिया गया कि राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे।
बता दें कि केरल का वायनाड कांग्रेस (Congress) का मजबूत गढ़ रहा है। इस तरह से अमेठी के बाद राहुल गांधी ने जो दूसरी सीट अपने लिए चुनी है, वह भी पार्टी के लिए काफी मजबूत है और कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि राहुल गांधी दोनों जगहों से विजयी पताका लहराएंगे। केरल के वायनाड सीट पर कांग्रेस का काफी दबदबा रहा है। कांग्रेस नेता एमआई शनवास पिछले दो बार से चुनाव जीत चुके हैं और यहां बीजेपी रेस में भी नहीं रही है। 2014 में एमआई शनवास ने सीपीआई को हराकर इस सीट पर पहली बार जीत दर्ज की थी। इतना ही नहीं, 2009 में भी एमआई शनवास ने सीपीआई के एम रहमतुल्लाह को हराया था। बता दें कि यह सीट 2008 में परिसीमन के बाद सियासी अस्तित्व में आई थी। यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्रों को मिलाकर बनी है। बता दें कि कुछ समय पहले से ही यह मांग उठ रही थी कि राहुल गांधी वायनाड से भी चुनाव लड़ें।
वायनाड में पिछले चुनाव के वोट शेयर देखें तो कांग्रेस को 41.21 फीसदी मिले थे, वहीं बीजेपी को करीब 9 फीसदी और सीपीआई को करीब 39 फीसदी वोट मिले थे। इस तरह से देखा जाए तो वायनाड सीट पर अब तक दो बार लोकसभा चुनाव हुए हैं और दोनों बार कांग्रेस पार्टी ने ही बाजी मारी है। वोट शेयर भी अगर बीजेपी की देखें तो वह कांग्रेस के लिए चिंता की बात नहीं है। हालांकि, सीपीआई कड़ा मुकाबला देगी, मगर बीते कुछ समय से केरल में वाम सरकार से भी लोगों का मोह भंग होता दिख रहा है।
सूत्रों की मानें तो वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला राहुल गांधी और पार्टी ने दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से लिया है। कांग्रेस वायनाड सीट के जरिए केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करना चाहती है। हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह भी बता रहे हैं कि अमेठी में हार की आशंका को देखते हुए राहुल गांधी ने सबसे सुरक्षित सीट वायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी कई बार यह बात कह चुके हें कि अमेठी हमेशा उनकी कर्मभूमि रहेगी। राहुल गांधी के लिए अमेठी महज एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह उनके लिए परिवार की तरह है। इस दौरान जब सुरजेवाला से पूछा गया कि बीजेपी का कहना है कि राहुल इसलिए दूसरी सीट खोज रहे हैं क्योंकि उन्हें आभास है कि अमेठी में स्थिति अच्छी नहीं है। इस सुरजेवाला ने कहा कि 2014 के चुनाव में जब पीएम मोदी गुजरात छोड़कर भागे थे और वाराणसी में चुनाव लड़े थे तो क्या गुजरात में उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी। सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी को इस तरह की हल्की बातें करने से बचना चाहिए। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लगातार दक्षिण भारत से अन्याय होता रहा है। ऐसे में उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक तौर पर जोड़े रखना बेहद जरूरी था। राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़कर तीनों राज्यों को प्रतिनिधित्व करेंगे।














