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स्मृति ईरानी की डिग्री पर कांग्रेस का तंज, कहा- 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं', देखे वीडियो

By: Pinki Fri, 12 Apr 2019 1:45 PM

स्मृति ईरानी की डिग्री पर कांग्रेस का तंज, कहा- 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं', देखे वीडियो

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से राहुल गांधी के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे में स्मृति ईरानी ने कहा है कि वे ग्रेजुएट नहीं हैं। उन्हें बीच में ही कॉलेज छोड़ना पड़ा। जिसके बाद एक बार फिर से फिर से स्मृति कांग्रेस के निशाने पर आ गईं हैं। फिर से कांग्रेस के निशाने पर आ गईं हैं। कांग्रेस का कहना है कि स्मृति ईरानी का हलफनामा प्रमाणित करता है कि पूर्व में उन्होंने झूठ बोला था। लिहाजा उनका नामांकन ख़ारिज किया जाना चाहिए।

पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर तंज करते हुए स्मृति की टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की थीम लाइन पर कहा, क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफिडेविट नए हैं'। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि स्मृतिजी ने अपनी एजुकेशन क्वालिफिकेशन को लेकर एक चीज कायम की है कि किस तरीके से ग्रेजुएट से 12वीं क्लास के हो जाते हैं, वो मोदी सरकार से और मोदी सरकार में ही मुमकिन है।

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यूपी प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि स्मृति ईरानी द्वारा डिग्री के अपने झूठ को नामांकन हलफनामे में प्रमाणित करने पर उनकी जगह जनता और संसद में नहीं जेल में है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी जो बार-बार जनता से और चुनाव आयोग से झूठ बोल रही हैं, एक बार फिर से उनका झूठ उजागर हुआ है। आज हकीकत सामने आ गई है। बीजेपी ने ऐसे नेता को देश का महत्वपूर्ण पद मानव संसाधन विकास मंत्रालय अर्थात शिक्षा मंत्री बनाया, जिसकी खुद की योग्यता पर हमेशा संदेह बना रहा। आख़िरकार हकीकत निकलकर सामने आ गई है कि वह स्नातक भी पूर्ण नहीं हैं। यही मोदीजी की बीजेपी के न्यू इंडिया का विजन है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी कभी अपने आप को बीए पास तो कभी बी.कॉम और इस बार के चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपने झूठ को स्वयं प्रमाणित किया है कि वह बी.कॉम फेल हैं। हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि स्मृति ईरानी का नामांकन खारिज करें। ऐसे लोगों की जगह जनता और संसद में नहीं बल्कि जेल में है।

केंद्रीय मंत्री और अमेठी लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने गुरुवार को चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में बताया कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं की है। अपने नामांकन के दौरान दिए हलफनामे में स्मृति ने कहा कि उन्होंने 1991 में सेकेंडरी स्कूल परीक्षा और 1993 में सीनियर सेंकेडरी स्कूल परीक्षा पास की।

स्मृति ने चुनाव आयोग को बताया कि उन्होंने 1994 में दिल्ली यूनिवर्स‍िटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से तीन साल के डिग्री कोर्स में अपना बैचलर ऑफ कॉमर्स (पार्ट- I) पूरा नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री ने इस साल 4.71 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।

बता दें कि 2014 के चुनावों के लिए दिए अपने हलफनामे में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने 1994 में यूनिवर्स‍िटी से ग्रेजुएशन किया था। उनके किए इस दावे की सत्यता पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए उनके ग्रेजुएट न होने की बात कही थी।

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