
छत्तीसगढ़ में बस्तर लोकसभा सीट के लिए हुए मतदान में हाल में हुईं नक्सल घटनाओं के बावजूद पिछली बार के मुकाबले ज्यादा वोटिंग हुई। इस बार 61% से ज्यादा वोटिंग हुई वही पिछली बार ये 59% थी। शहरों में मतदान औसत 50% के पार रहा। सुकमा-बीजापुर में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार किया था, फिर भी वोट प्रतिशत बढ़ा।
जान का खतरा
भास्कर की खबर के अनुसार दहशत के बीच बूथों में ग्रामीण पहुंचे तो जरूर, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग देखने को मिली। वोट देने के बाद ग्रामीणों ने ऊंगलियों पर अमिट स्याही नहीं लगवाई। उन्हें डर था कि नक्सली स्याही देखकर पहचान न लें। यहां जब एक 70 साल की एक बुजुर्ग महिला से पूछा गया कि आप वोट देने गईं थी या नहीं, महिला ने कुछ देर से सहमते हुए जवाब दिया- गई थी, लेकिन किसी से मत कहना। उसने अपने अंगूठे को दिखाया और बताया कि अंगूठा लगाकर आ रही हूं। अमिट स्याही नहीं लगवाई, क्योंकि जान का खतरा है।














