
एचड कुमारस्वामी के नेतृत्व में जेडीएस-कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक संकट और गहराता जा रहा है। 13 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार को बचाने की हर संभव कोशिशें जारी हैं। इस बीच सोमवार को निर्दलीय विधायक एच नागेश ने कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा भी राज्यपाल को भेज दिया है। बागी विधायकों को मनाने के लिए गठबंधन सरकार की ओर से उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया जा रहा है। उनके क्षेत्र को स्पेशल पैकेज दिए जाने की भी बात हो रही है। लेकिन, कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने ये ऑफर ठुकरा दिया है। ऐसे में अब गठबंधन सरकार ने आखिरी दांव चला है। सूत्रों के मुताबिक, सियासी संकट से बचने के लिए कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार अपने मंत्रियों से भी इस्तीफे दिलवा सकती है। इसके साथ ही बागी विधायकों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है। अब इस तरह विधानसभा में संख्याबल के लिहाज से देखें तो एक तरह से टाई मैच हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि ये इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या 210 रह जाएगी।
वही बागी विधायकों को मनाने के लिए गठबंधन सरकार की ओर से उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया जा रहा है। उनके क्षेत्र को स्पेशल पैकेज दिए जाने की भी बात हो रही है। लेकिन, कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने ये ऑफर ठुकरा दिया है। ऐसे में अब गठबंधन सरकार ने आखिरी दांव चला है। सूत्रों के मुताबिक, सियासी संकट से बचने के लिए कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार अपने मंत्रियों से भी इस्तीफे दिलवा सकती है।
बता दे, बीजेपी के पास 105 विधायक हैं और इस सूरतेहाल में उसके पास बहुमत के लिए 1 वोट की कमी होगी। ऐसे मौके पर स्पीकर का वोट अहम हो जाएगा। इसलिए माना जा रहा है कि बीजेपी अभी देखो और इंतजार करो की रणनीति पर काम कर रही है।
मौजूदा स्थिति
BJP 105
कांग्रेस 79
जेडीएस 37
BSP 1
निर्दलीय 1
नॉमिनेटेड 1( वोट का अधिकार नहीं)
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के 78 में से अब तक 9 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। ( इनमें से आनंद सिंह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं, बाकी 8 ने शनिवार को इस्तीफा दिया)। दूसरी तरफ JDS के 37 में से 3 विधायकों ने इस्तीफा दिया।
वही निर्दलीय विधायक नागेश के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सांसद डीके सुरेश का कहना है कि इसके पीछे बीजेपी के राष्ट्रीय नेता हैं। बीजेपी के लोग यह सरकार नहीं चाहते, न ही वो चाहते कि कोई भी विपक्षी पार्टी राज्य या देश में शासन करे। वे लोग लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।' साथ ही उन्होंने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस के मंत्री इस्तीफा दे देंगे।














