
अक्सर अपराधी वारदात को अंजाम देकर ये सोचते हैं कि वे बच जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हैं देर-सवेर उन्हें अपने गुनाहों की सजा मिलती ही हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला साल पहले अलवर में घटित हुए मामले में जहां एक पति ने बेरहमी से अपनी पत्नी को जलाकर उसकी हत्या कर दी थी और फिर अंग काटकर शहर में फेंक दिया था। अब इस बहुचर्चित मामले के आराेपी पति योगेश मल्होत्रा उर्फ चू-चू काे आजीवन कारावास व 30 हजार रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। बुधवार काे एडीजे ने 77 पेज का फैसला सुनाया। इस मामले में चश्मदीद गवाह मृतका की 4 साल की बेटी थी।
अपर लाेक अभियोजक विजय साैगत ने बताया कि प्रकरण में तत्कालीन काेतवाली थानाधिकारी रामसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 31 अक्टूबर 2016 काे दीपावली के माैके पर गश्त के दाैरान रात करीब 11.45 बजे थाने से सूचना मिली कि स्कीम-एक में कबूतर पार्क के पास मानव अंग पड़ा है। माैके पर झुलसी हालत में एक पैर मिला, जिसकी अंगुली में बिछिया थी। इसके बाद अलग-अलग दिन मृतक महिला के विभिन्न अंग मोहल्ला चावंडपाड़ी, रंगभरियाें की गली, राम मार्केट, बांसवाली गली व कंपनी राेड पर पड़े मिले।
पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर संदिग्ध आराेपी की तलाश शुरू की। सूचनाओं के आधार पर 4 नवंबर काे संदिग्ध आराेपी योगेश उर्फ चूचू पुत्र दुर्गाप्रसाद मल्होत्रा निवासी मोहल्ला सक्कापाड़ी काे हरियाणा से हिरासत में लेकर अलवर लाए। पूछताछ में आराेपी योगेश उर्फ चूचू ने पत्नी आरती की जलाकर हत्या करने व सबूत नष्ट करने के लिए चाकू व आरी से शव के टुकड़े कर विभिन्न इलाकों में फेंकने की वारदात कबूल की। पुलिस ने आराेपी के मकान से चाकू व आरी, केरोसिन का जरीकेन, मृतका की चप्पलें, आराेपी की खून से सनी कैबरी, फ्रिज जिसमें शव के टुकड़े रखे गए व अंगों काे फेंकने में काम ली लूना मोपेड बरामद की।
पत्नी के चरित्र पर करता था शक : प्रकरण के अनुसंधान अधिकारी तत्कालीन काेतवाल रामसिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि योगेश उर्फ चूचू ने घटना से करीब 5 साल पहले पटना बिहार की रहने वाली आरती से शादी की थी। उनके एक लड़की हुई। आरती लाेगाें के घरों में झाडू- पाेंछा करती थी जबकि आराेपी योगेश हलवाई व रंगपेंट का काम करता था। याेगेश अपनी पत्नी आरती के चरित्र पर शक करने लगा था। इससे दाेनाें के बीच झगड़े हाेते थे। इसी कारण योगेश उर्फ चूचू ने पत्नी से पीछा छुड़ाने की योजना बनाई और 30 अक्टूबर काे दीपावली की रात पत्नी की केरोसिन छिड़क और आग लगाकर हत्या कर दी। सबूत नष्ट करने के लिए उसने पत्नी के शव के अंगों काे काटकर शहर में अलग-अलग जगह डाल दिए।
न्यायाधीश ने कहा-यह विश्वास और ममतामयी संबंधों की हत्या
एडीजे संदीप आनंद ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मुलजिम ने जिस अग्नि की शपथ लेकर पत्नी आरती काे रक्षा करने का वचन दिया था, उसी अग्नि से पत्नी की जलाकर नृशंस हत्या कर दी। यह हत्या ना केवल पति-पत्नी के मध्य स्थापित विश्वास के संबंधों की हत्या है। यह उन ममतामयी संबंधों की भी हत्या है जिससे मृतका की 4 वर्षीय पुत्री अपने संपूर्ण जीवन के लिए महरूम हो गई।














