
दिल्ली-NCR (Delhi NCR) में वायु प्रदूषण का स्तर धीरे ही सही, लेकिन कम होता जा रहा है। बता दे, दिल्ली पिछले एक हफ्ते से वायु प्रदूषण के गंभीर संकट से जूझ रही है। इस बीच अब नगर निगम प्रदूषण का अंत करने के लिए आधुनिक मशीनों का सहारा ले रहा है। प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम स्मॉग गन खरीदने की सोच रहा है। बता दे, स्मॉग गन कुछ ही सेकेंड्स के भीतर एक खास जगह से प्रदूषण के लेवल को तेजी से नीचे कर देता है। जैसे ही ये गन आसमान की तरफ पानी की बौछार फेंकता है, प्रदूषण की चादर छंटती चली जाती है। रिमोट से चलने वाला ये स्मॉग गन आसमान में तेजी से पानी का बौछार करता है। पानी की बौछारों की वजह से वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण के कण भीग जाते हैं और भारी होकर जमीन पर गिर जाते हैं। इस स्मॉग गन को पानी की सप्लाई देने के लिए वाटर टैंकर का इस्तेमाल किया जाता है। भारी-भरकम तोप जैसा दिखने वाला ये स्मॉग गन एक बार में 70 से 100 मीटर के दायरे में प्रदूषण सोख सकता है।
मंगलवार को एंटी स्मॉग गन का ट्रायल किया गया। इस मशीन की कीमत 22 लाख रुपये है और ये मशीन 2 घंटे में 1000 लीटर पानी खपत करता है। उत्तरी एमसीडी के मेयर अवतार सिंह ने कहा कि इस मशीन का फिर से परीक्षण किया जाएगा, इसके बाद डाटा का परीक्षण कर ये पता लगाया जाएगा कि ये मशीन किस हद तक प्रदूषण कम करने में सक्षम है। इसके बाद ही इसे खरीदने पर फैसला लिया जाएगा।
इस बीच ऑड इवन योजना का आज तीसरा दिन है। आज सड़कों पर सिर्फ इवन नंबर की गाड़ियों ही चलेंगी। इधर इस नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। मंगलवार को ऑड-इवन के तहत कुल 562 चालान काटे गए। वही वायु प्रदूषण पर निगरानी से जुड़ी पर्यावरण मंत्रालय की संस्था ‘सफर' के अनुसार सोमवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की 4962 घटनायें दर्ज की गयी।
बता दें, दिल्ली में प्रदूषण से पिछले कुछ दिनों से बुरा हाल है। सीपीसीबी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर सूचकांक 365 दर्ज किया गया जो रात नौ बजे 309 पर आ गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के ग्रेटर नोएडा (324), नोएडा (336) गाजियाबाद (342), फरीदाबाद में (274) और गुड़गांव में (291) भी वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0-50 के बीच ‘अच्छा', 51-100 के बीच ‘संतोषजनक', 101-200 के बीच ‘मध्यम', 201-300 के बीच ‘खराब', 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब', 401-500 के बीच ‘गंभीर' और 500 के पार ‘बेहद गंभीर' माना जाता है।














