बॉलीवुड (Bollywood) के मशहूर संगीतकार और पद्मभूषण से सम्मानित मोहम्मद जहुर ख्य्याम हाशमी (Mohammed Zahur Khayyam Hashmi) ने बीती रात करीब साढ़े नौ बजे मुंबई के सुजय अस्पताल में आखिरी सांस ली। सीने में संक्रमण और न्यूमोनिया की शिकायत के बाद उन्हें पिछले महीने 28 जुलाई को मुंबई के सुजय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती ही जा रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक आज इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे रात करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया। खय्याम के निधन की खबर से पूरे बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
देर रात ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेकर महानायक अमिताभ बच्चन, स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर तक सभी ने उन्हें अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इनके अलावा भी कई बॉलीवुड स्टार्स ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बॉलीवुड में और संगीत की दुनिया में उनके कॉन्ट्रोब्यूशन को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "सुप्रसिद्ध संगीतकार खय्याम साहब के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने अपनी यादगार धुनों से अनगिनत गीतों को अमर बना दिया। उनके अप्रतिम योगदान के लिए फिल्म और कला जगत हमेशा उनका ऋणी रहेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके चाहने वालों के साथ हैं।"
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने भी उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ''संगीत के दिग्गज, एक मृदुभाषी आत्मा, जिन्होंने मेरी कई फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया..अब नहीं रहे..ख्ययाम साहब..प्रर्थना और शोक..''
सुप्रसिद्ध संगीतकार खय्याम साहब के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने अपनी यादगार धुनों से अनगिनत गीतों को अमर बना दिया। उनके अप्रतिम योगदान के लिए फिल्म और कला
मशहूर लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया, ''ख्ययाम साहब एक नायाब संगीतकार थे जिन्होंने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने कई सदाबहार गीत हमें दिए हैं जो उन्हें हमेशा के लिए अमर बनाते हैं।''
लता मंगेशकर ने भी खय्याम को याद करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लता मंगेशकर इस दौरान काफी गमगीन दिखीं और उन्होंने लिखा, "खय्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे। वो मेरे लिए अपनी खास पसंद के गाने बनाते थे। उनके साथ काम करते वक्त बहुत अच्छा लगता था और थोड़ा डर भी लगता था क्योंकि वो बड़े परफेक्शनिस्ट थे।''
उन्होंने कहा, ''उनकी शायरी की समझ बहुत कमाल थी। इसलिए मीर तकी मीर जैसे महान शायर की शायरी वो फिल्मों में लेकर आए। दिखाई दिए यूं, जैसी खूबसूरत गज़ल हो या 'अपने आप रातों में' जैसे गीत, खय्याम साहब का संगीत दिल को छू जाता था। राग पहाड़ी उनका पसंदीदा राग था। ऐसी न जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। वो गाने वो रिकॉर्डिंग याद आ रहे हैं। ऐसा संगीतकार शायद फिर कभी न होगा। मैं उनको और उनके संगीत को वंदन करती हूं।''
संगीतगार विशाल डडलानी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ''ऐसा लग रहा है जैसे संगीत से ताल ही चली गई। ख्ययाम साहब, आपके द्वारा दिए गए संगीत के लिए शुक्रिया और हर आपसे मुलाकात के दौरान दिखाए गए प्यार के लिए भी।''Khayyam saheb the great music director has passed away . He has given many all time great song but to make him immortal only one was enough “ voh subah kabhi to aayehi “
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) August 19, 2019














