
अधिक मास जारी हैं जो की चंद्र वर्ष और सूर्य वर्ष में अंतर से बनता हैं और हर तीसरे साल आता हैं। इस बार यह आश्विन मास में आया हैं और ऐसा संयोग 160 साल बाद बना हैं। अधिकमास में सभी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं और इन दिनों में दान-धर्म करते हुए प्रभु की भक्ति का महत्व माना गया हैं। इन दिनों में विष्णु अवतार भगवान श्री कृष्ण की आराधना भी की जाती हैं। आज इस कड़ी में हम आपके लिए राशिनुसार श्रीकृष्ण आराधना के कुछ मंत्र लेकर आए हैं जिनकी मदद से जीवन में सकारात्मकता का आगमन होता हैं और नई ऊर्जा का संचार होता हैं।

मेष : ॐ माधवाय नम:
वृषभ : ॐ राधाप्रियाय नम:
मिथुन : ॐ भक्त-वत्सलाय नम:
कर्क : ॐ कृष्णाय नम:
सिंह : ॐ दामोदराय नम:
कन्या : ॐ देवकीसुताय नम:

तुला : ॐ दुख हरताय नम:
वृश्चिक : ॐ भक्त-प्रियाय नम:
धनु : ॐ वासुसुताय नम:
मकर : ॐ यदुनन्दनाय नम:
कुंभ : ॐ गोविन्दाय नम:
मीन : ॐ भक्त दुख हरताय नम:














