न्यूज़
Toxic Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

अमेरिकी सांसदों का नया बिल, भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव; रूसी तेल खरीद बना वजह

अमेरिका के सांसदों ने नया प्रतिबंध बिल पेश कर भारत समेत 5 देशों पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। जानें इस बिल की प्रमुख बातें, भारत पर इसका संभावित असर और आगे क्या हो सकता है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 16 Jul 2026 8:57:18

अमेरिकी सांसदों का नया बिल, भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव; रूसी तेल खरीद बना वजह

अमेरिका में सांसदों के एक द्विदलीय (बाइपार्टिसन) समूह ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से नया प्रतिबंध विधेयक पेश किया है। इस प्रस्तावित बिल में भारत समेत पांच देशों के निर्यात पर 100% तक टैरिफ लगाने की बात कही गई है। इस सूची में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। अमेरिकी सांसदों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य रूस की ऊर्जा बिक्री से होने वाली आय को कम करना और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।

नए प्रतिबंध बिल में क्या है खास?


यह प्रस्ताव अप्रैल 2025 में अमेरिकी सीनेट में पेश किए गए 'Sanctioning Russia Act' का संशोधित और अपेक्षाकृत नरम संस्करण माना जा रहा है। पहले वाले प्रस्ताव में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया था, लेकिन उस पर पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया था। अब नए ड्राफ्ट में अधिकतम टैरिफ की सीमा घटाकर 100% कर दी गई है, ताकि बिल को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिल सके।

इस नए विधेयक में विशेष रूप से भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान को निशाने पर रखा गया है। अमेरिकी सांसदों का तर्क है कि ये देश इस समय रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख आयातकों में शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन जताया है। बताया जा रहा है कि रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम, जिनका हाल ही में निधन हो गया, ने इस बिल की मूल रूपरेखा तैयार की थी। ट्रंप ने कहा कि यह विधेयक ग्राहम को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

हालांकि, बिल में कुछ देशों को राहत भी दी गई है। जिन देशों की रूस की प्राकृतिक गैस पर निर्भरता उनकी कुल जरूरत का 15% से कम है और जो इस निर्भरता को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं, उन्हें इस प्रस्तावित टैरिफ व्यवस्था से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है।

भारत पर क्यों बढ़ा दबाव?

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद लगातार बढ़ी है और हाल के महीनों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री परिवहन प्रभावित होने के बाद भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ी, जिसके चलते रूसी तेल का आयात बढ़ा।

दरअसल, अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया से खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इससे पहले भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 40% हिस्सा खाड़ी देशों से प्राप्त करता था। आपूर्ति में आई रुकावट और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत भी दी थी। यह छूट 17 जून को समाप्त हो गई, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने बड़े पैमाने पर रूसी कच्चे तेल की खरीद को प्राथमिकता दी।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रूसी तेल का आयात

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में 34% बढ़ गया। इस दौरान आयात का कुल मूल्य लगभग 4.5 बिलियन यूरो रहा, जो रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात से होने वाली आय का करीब 36% हिस्सा माना गया। इसी वजह से भारत, चीन के बाद रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार बनकर उभरा है।

आगे क्या हो सकता है?

डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल के अनुसार, प्रस्तावित कानून लागू होने की स्थिति में यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) यह तय करेगा कि किस देश पर कितनी दर से टैरिफ लगाया जाएगा। उनका कहना है कि टैरिफ की दर इस तरह तय की जाएगी कि भारत, चीन और अन्य बड़े खरीदारों को रूसी तेल खरीदने से हतोत्साहित किया जा सके।

बिल के समर्थकों को उम्मीद है कि इसे अगस्त से पहले अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिल सकती है। हालांकि, अमेरिकी संसद के भीतर इस प्रस्ताव को लेकर विरोध भी देखने को मिल रहा है। कई सांसदों का कहना है कि यह विधेयक राष्ट्रपति को टैरिफ लागू करने का अत्यधिक व्यापक अधिकार देता है। आलोचकों का तर्क है कि यदि ऐसा हुआ तो इसका आर्थिक बोझ अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं और परिवारों पर ही पड़ेगा, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 पर्यटकों में 338 सुरक्षित, 60 की तलाश जारी
नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 पर्यटकों में 338 सुरक्षित, 60 की तलाश जारी
राहुल गांधी ने खरगे के ‘शुद्धिकरण’ मामले में FIR की मांग की, BJP-RSS पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने खरगे के ‘शुद्धिकरण’ मामले में FIR की मांग की, BJP-RSS पर लगाए गंभीर आरोप
बिस्किट से लेकर पैकेज्ड फूड तक? ज्यादा चीनी-नमक पर लाल चेतावनी लगाने की तैयारी
बिस्किट से लेकर पैकेज्ड फूड तक? ज्यादा चीनी-नमक पर लाल चेतावनी लगाने की तैयारी
सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging’ पर बढ़ा विवाद, प्रकाशन को लेकर कांग्रेस और BJP में तकरार
सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging’ पर बढ़ा विवाद, प्रकाशन को लेकर कांग्रेस और BJP में तकरार
रक्षाबंधन पर कंगना रनौत को बाबा रामदेव का तोहफा, पुराने विवाद को खत्म करने की पहल
रक्षाबंधन पर कंगना रनौत को बाबा रामदेव का तोहफा, पुराने विवाद को खत्म करने की पहल
सलमान खान ने अर्पिता से बंधवाई राखी, पीछे दिखी जीसस की पेंटिंग ने खींचा सबका ध्यान
सलमान खान ने अर्पिता से बंधवाई राखी, पीछे दिखी जीसस की पेंटिंग ने खींचा सबका ध्यान
रेलवे ट्रैक पर अचानक सामने आई ट्रैक्टर-ट्रॉली, वंदे भारत से हुई जोरदार टक्कर
रेलवे ट्रैक पर अचानक सामने आई ट्रैक्टर-ट्रॉली, वंदे भारत से हुई जोरदार टक्कर
रक्षाबंधन के वीडियो में सेलिना जेटली का डीप नेक ब्लाउज बना चर्चा का विषय, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
रक्षाबंधन के वीडियो में सेलिना जेटली का डीप नेक ब्लाउज बना चर्चा का विषय, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
‘टॉक्सिक’ ने रचा नया बॉक्स ऑफिस इतिहास, 3 दिन में कन्नड़ सिनेमा की टॉप-5 कमाई वाली फिल्मों में शामिल
‘टॉक्सिक’ ने रचा नया बॉक्स ऑफिस इतिहास, 3 दिन में कन्नड़ सिनेमा की टॉप-5 कमाई वाली फिल्मों में शामिल
H1N1 स्वाइन फ्लू की चपेट में आए इमरान हाशमी, बेंगलुरु का शो टला; बोले- ‘तबीयत बहुत खराब है’
H1N1 स्वाइन फ्लू की चपेट में आए इमरान हाशमी, बेंगलुरु का शो टला; बोले- ‘तबीयत बहुत खराब है’
चीनी के दाम में बड़ी राहत, कई शहरों में ₹8 तक गिरे भाव; सरकार के कदमों का दिखने लगा असर
चीनी के दाम में बड़ी राहत, कई शहरों में ₹8 तक गिरे भाव; सरकार के कदमों का दिखने लगा असर
गंडक नदी फिर बढ़ा रही टेंशन! यूपी-बिहार में दोबारा अलर्ट, नेपाल की बारिश के बाद बढ़ा जलस्तर
गंडक नदी फिर बढ़ा रही टेंशन! यूपी-बिहार में दोबारा अलर्ट, नेपाल की बारिश के बाद बढ़ा जलस्तर
कौन थे सिंगर अंकित बालियान? जिम के बाहर गोली मारकर हत्या, इन गानों से मिली थी पहचान
कौन थे सिंगर अंकित बालियान? जिम के बाहर गोली मारकर हत्या, इन गानों से मिली थी पहचान
रक्षाबंधन पर भाई के लिए बनाएं स्वादिष्ट पनीर काठी रोल, आसान रेसिपी से तैयार होगा स्पेशल नाश्ता
रक्षाबंधन पर भाई के लिए बनाएं स्वादिष्ट पनीर काठी रोल, आसान रेसिपी से तैयार होगा स्पेशल नाश्ता