
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को कड़े व्यापारिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को दिए गए एक ताज़ा इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि भारत उनके हिसाब से "एक अच्छा ट्रेड पार्टनर नहीं" है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका पहले से ही भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% टैरिफ लगा चुका है, जो 7 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगा। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि आने वाले 24 घंटों में टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं।
फार्मा सेक्टर निशाने पर, ट्रंप की बड़ी धमकी - "250% टैरिफ संभव"
अमेरिकी चैनल CNBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे फार्मास्युटिकल सेक्टर पर 250% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं। उनके शब्दों में, “शुरुआत में हम दवाओं पर मामूली टैरिफ लगाएंगे, लेकिन अगले एक-डेढ़ साल में यह बढ़कर 150% या 250% तक जा सकता है। इसका मकसद साफ है — हमें अपनी दवाएं खुद बनानी होंगी, अमेरिका में।”
इस बयान के साथ ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका की घरेलू दवा नीति अब तेजी से ‘लोकल फर्स्ट’ की ओर मुड़ रही है। कुछ हफ्तों पहले ही उन्होंने फार्मा कंपनियों पर दबाव डालते हुए कीमतें घटाने की मांग की थी, और चेताया था कि ऐसा न होने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने मई 2025 में एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया था कि अमेरिका में दवाओं की कीमतें अन्य विकसित देशों की तुलना में तीन गुना तक अधिक हैं। इस पृष्ठभूमि में, ट्रंप लगातार विभिन्न देशों पर भिन्न-भिन्न दरों से टैरिफ लगा रहे हैं — अप्रैल में उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक सहयोगियों पर 10% टैरिफ लगाया था।
रूस का पलटवार – भारत का समर्थन
भारत को लेकर ट्रंप के बयानों से वैश्विक राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया कि वह रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर उसे अन्य देशों को ऊंचे मुनाफे पर बेच रहा है। इसके जवाब में रूस ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि हर संप्रभु राष्ट्र को अपने आर्थिक हितों के अनुसार साझेदार चुनने का पूरा अधिकार है।
रूस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ट्रंप भारत पर पहले से ही दबाव बना रहे थे। एक दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि भारत पर शुल्क बढ़ाया जाएगा, और दोहराया कि भारत रूस से सस्ते दामों में तेल खरीदकर उसे महंगे दाम पर आगे बेच रहा है।
भारत ने इस आरोप को खारिज करते हुए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन को भी जवाबी बयान दिया, जिसमें भारत ने साफ किया कि वह अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को देखते हुए ही कोई निर्णय लेता है। भारत की इस प्रतिक्रिया से ट्रंप की नाराजगी और बढ़ गई, और अब उन्होंने अगले 24 घंटे के भीतर भारत पर और अधिक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे डाली है।














