
तियानजिन/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के फोटो सेशन में हिस्सा लिया। यह सत्र शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले एक अहम कूटनीतिक क्षण साबित हुआ।
विश्व नेताओं के साथ उपस्थिति
इस फोटो सेशन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य सदस्य देशों के नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा— “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में।”
मोदी-पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात
फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात चर्चा का विषय रही। दोनों नेताओं ने गले लगकर और हाथ मिलाकर आपसी मित्रता का प्रदर्शन किया। मोदी ने लिखा— “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।”
शी जिनपिंग के साथ बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिले। दोनों नेताओं ने संबंधों को स्थिर करने और विशेषकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के लंबित मुद्दों को हल करने की प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने कहा कि “संबंध सार्थक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और सीमाओं पर शांति का माहौल है।”
वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि तियानजिन में हुई यह बैठक “द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी और इनके सतत, स्वस्थ और स्थिर विकास को प्रोत्साहन देगी।”
सम्मेलन की मेजबानी चीन के पास
इस वर्ष एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन कर रहा है। आठ सदस्य देशों वाला यह संगठन यूरेशियाई क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं, जिससे भारत-चीन संबंधों के बीच यह मुलाकात और भी अहम मानी जा रही है।
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पुतिन के साथ एक ही कार में बैठक स्थल पहुँचे मोदी
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के तियानजिन में अपनी द्विपक्षीय बैठक के लिए एक ही कार में सफर करते हुए पहुंचे। इस क्षण ने भारत और रूस के बीच मजबूत होती दोस्ती और आपसी विश्वास का प्रतीकात्मक संदेश दिया।
बैठक से पहले दोनों नेताओं का यह संयुक्त सफर कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। माना जा रहा है कि यह भारत-रूस के गहरे रिश्तों और भविष्य की साझेदारी का संकेत है।
SCO समिट के इतर होने वाली इस द्विपक्षीय वार्ता में ऊर्जा सहयोग, रक्षा समझौते, व्यापारिक संबंध और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
इससे पहले भी मोदी और पुतिन की मुलाकातों को “सच्ची दोस्ती” की मिसाल कहा जाता रहा है। अब तियानजिन में उनका एक साथ कार में पहुँचना दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने वाला संकेत माना जा रहा है।














