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रूस से तेल खरीद पर भारत को राहत के संकेत, ट्रंप के 100% टैरिफ वाले बिल पर फंसा पेंच

रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 100% तक टैरिफ का अमेरिकी प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा में अटक सकता है। जानें बिल, विरोध और भारत को संभावित राहत की वजह।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 05 Sep 2026 8:58:37

रूस से तेल खरीद पर भारत को राहत के संकेत, ट्रंप के 100% टैरिफ वाले बिल पर फंसा पेंच

भारत के रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका में प्रस्तावित 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ का मामला फिलहाल अटकता नजर आ रहा है। सीनेट से भारी बहुमत के साथ पारित रूस प्रतिबंध बिल को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में समर्थन जुटाने में मुश्किल हो रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले इस बिल पर सदन में मतदान मुश्किल हो सकता है।

अगर प्रतिनिधि सभा में बिल आगे नहीं बढ़ता है, तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ का खतरा फिलहाल टल सकता है। इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी सांसदों के बीच सिर्फ विदेश नीति ही नहीं, बल्कि घरेलू तेल और गैस की कीमतों को लेकर भी चिंता सामने आ रही है।

क्या है 100 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव?

यह बिल दक्षिण कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पेश किया था। प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। इसके अलावा रूस को ऊर्जा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले पांच प्रमुख देशों को भी इस दायरे में लाने का प्रावधान है।

भारत, चीन और तुर्किये रूस से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल हैं। यूक्रेन समर्थक अमेरिकी सांसद इस प्रस्ताव को रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के एक तरीके के रूप में देखते हैं।

हालांकि, अतिरिक्त अधिकार मिलने के बाद ट्रंप उनका इस्तेमाल किस तरह करेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। खासकर चीन के मामले में इसको लेकर भी सवाल बने हुए हैं।

सीनेट में मिला भारी समर्थन

अमेरिकी सीनेट ने पिछले महीने बिल को 86-11 के वोट से मंजूरी दी थी। इस मजबूत समर्थन को ग्राहम के प्रति उनके साथी सांसदों की श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा गया। जुलाई में यूक्रेन की यात्रा से लौटने के कुछ समय बाद ग्राहम की अचानक मृत्यु हो गई थी।

लेकिन प्रतिनिधि सभा में तस्वीर अलग है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने गुरुवार को संकेत दिया कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि कांग्रेस चुनाव से पहले सदन में इस प्रस्ताव पर मतदान नहीं भी हो सकता है। आने वाले दो महीनों में सांसदों के पास वॉशिंगटन में काम करने के लिए सीमित समय होना भी इसकी एक वजह बताई गई है।

जॉनसन ने यह भी कहा कि सभी सांसद रूस पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं, लेकिन कानून को आगे बढ़ाने के लिए ऐसा फॉर्मूला तैयार करना जरूरी है जिसे प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त समर्थन मिल सके।

टैरिफ से अमेरिकी तेल की कीमत बढ़ने की चिंता

इस प्रस्ताव पर अमेरिकी सांसदों की चिंता का एक अहम कारण घरेलू ऊर्जा कीमतें भी हैं। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मस्त के मुताबिक, अगर भारत और रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले दूसरे देशों को वैकल्पिक स्रोतों से तेल लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

संदर्भ सामग्री के मुताबिक, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में तेजी आई है। ऐसे में नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईंधन की कीमतों का मुद्दा रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। प्रस्तावित कानून में ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को जारी रखने का प्रावधान भी शामिल है।

डेमोक्रेट सांसदों को ट्रंप की शक्तियां बढ़ने का डर

प्रतिनिधि सभा में बिल का विरोध केवल तेल की कीमतों तक सीमित नहीं है। डेमोक्रेट सांसदों का एक वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि कानून के जरिए ट्रंप को व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाने की अतिरिक्त कानूनी शक्ति मिल सकती है।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि वह ऐसे कानून का समर्थन नहीं कर सकते, जिससे राष्ट्रपति को ऐसी टैरिफ शक्तियां मिलें जो उनके पास मौजूदा समय में नहीं हैं।

डेमोक्रेट सांसद ब्रैड श्नाइडर ने भी सीनेट से पारित प्रस्ताव में मौजूद टैरिफ प्रावधान पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि वह किसी भी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक और पर्याप्त नियंत्रण के बिना शक्ति देने के पक्ष में नहीं हैं।

इस तरह रूस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर अमेरिकी सांसदों के बीच व्यापक सहमति होने के बावजूद बिल के टैरिफ प्रावधान और उसके संभावित आर्थिक असर पर मतभेद बने हुए हैं। यही वजह है कि सीनेट से आसानी से आगे बढ़ा प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा में फिलहाल मुश्किल में दिखाई दे रहा है।

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