AI के दौर में तस्वीरों की विश्वसनीयता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। किसी फोटो को AI टूल की मदद से इस तरह बदला जा सकता है कि उसमें किया गया बदलाव आसानी से नजर न आए। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए Apple ने iPhone 18 Pro सीरीज में ‘Reference Image’ नाम का नया फीचर पेश किया है। इसका उद्देश्य iPhone से खींची गई तस्वीर के ओरिजिनल रेफरेंस को सुरक्षित रखना है, ताकि बाद में फोटो में AI के जरिए किए गए बदलाव का पता लगाया जा सके।
यह फीचर खास तौर पर उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकता है, जहां किसी तस्वीर को बदलकर उसे असली बताकर इस्तेमाल किया जाए। Reference Image के जरिए मूल तस्वीर का डिजिटल रेफरेंस उपलब्ध रहेगा और AI से बदली गई इमेज की तुलना उसके साथ की जा सकेगी।
कैसे काम करेगा Reference Image फीचर
iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरे से फोटो क्लिक होने पर इस फीचर के तहत उसका एक डिजिटल निगेटिव तैयार होगा। इसे मूल तस्वीर के रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। यदि बाद में उसी इमेज में AI टूल की मदद से बदलाव किया जाता है, तो उसके वास्तविक रेफरेंस को देखा जा सकेगा।
Apple के अनुसार, इस व्यवस्था का मकसद तस्वीर की मौलिकता को पहचानने में मदद करना है। यानी किसी इमेज को AI की सहायता से बदलने के बाद यह पता लगाने का आधार मौजूद रहेगा कि तस्वीर मूल रूप से कैसी थी।
हर फोटो के लिए बनेगा डिजिटल फुटप्रिंट
Reference Image फीचर में तस्वीरों के लिए क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए फोटो के हर पिक्सल का एक डिजिटल फुटप्रिंट तैयार किया जाएगा। मूल तस्वीर से जुड़ा यह डिजिटल रेफरेंस बाद में इमेज की प्रामाणिकता जांचने में काम आएगा।
इस डिजिटल रेफरेंस को Apple के प्राइवेट क्लाउड में स्टोर किया जाएगा। जब किसी तस्वीर में AI की मदद से बदलाव किया जाएगा, तब उसके मूल रेफरेंस का इस्तेमाल करके यह पहचानने में मदद मिल सकती है कि इमेज में छेड़छाड़ हुई है।
पुराने कैमरा निगेटिव जैसा है कॉन्सेप्ट
इस तकनीक को समझने के लिए इसे पुराने फिल्म कैमरों के निगेटिव से जोड़कर देखा जा सकता है। पुराने कैमरों में फोटो खींचने के बाद उसका निगेटिव रील पर रिकॉर्ड होता था, जिसे बाद में तस्वीर तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
iPhone 18 Pro के Reference Image फीचर में भी कुछ इसी तरह मूल तस्वीर का डिजिटल रेफरेंस तैयार किया जाएगा। फर्क यह है कि यहां फिजिकल फिल्म निगेटिव की जगह डिजिटल निगेटिव जैसा रेफरेंस तैयार होगा। यही रेफरेंस बाद में तस्वीर में हुए बदलाव की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
AI से बनी फेक तस्वीरों और अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश
AI की मदद से तस्वीरों को बदलने और सिंथेटिक इमेज तैयार करने की बढ़ती क्षमता के बीच Apple का यह फीचर तस्वीरों से जुड़ी गलत जानकारी और अफवाहों पर रोक लगाने की दिशा में एक प्रयास है। मूल तस्वीर का डिजिटल रेफरेंस मौजूद रहने से किसी इमेज को बाद में बदलकर उसके वास्तविक होने का दावा करना आसान नहीं रहेगा।
हालांकि, यह फीचर हर जगह उपलब्ध नहीं होगा। Apple iPhone 18 Pro में Reference Image सुविधा को चीन और यूरोपीय संघ के देशों में रोल आउट नहीं करेगा। इसका कारण वहां लागू डिजिटल डेटा स्टोरेज से जुड़े कानून बताए गए हैं।
इस सिस्टम में हर तस्वीर के लिए एक SynthID भी तैयार किया जाएगा, जिसे मूल तस्वीर के रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह iPhone 18 Pro सीरीज में Apple ने कैमरे से ली गई तस्वीरों के मूल स्वरूप को डिजिटल तरीके से संदर्भित रखने की व्यवस्था की है।














