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पश्चिम बंगाल की 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट कटौती, फिर भी 13 पर TMC ने दर्ज की जीत

पश्चिम बंगाल चुनाव में SIR के तहत सबसे ज्यादा वोट कटौती वाली 20 सीटों में से 13 पर TMC ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने 207 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया, जबकि चुनावी प्रक्रिया और वोट कटौती को लेकर सियासी विवाद गहराया।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 05 May 2026 10:10:03

पश्चिम बंगाल की 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट कटौती, फिर भी 13 पर TMC ने दर्ज की जीत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस बार चर्चा का केंद्र उन सीटों पर रहा जहां मतदाता सूची संशोधन (SIR) के बाद बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए थे। दिलचस्प बात यह है कि जिन 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट काटे गए, उनमें से अधिकतर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की है। वहीं कुल नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 207 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई।

वोट कटौती और चुनावी नतीजों पर उठे सवाल

चुनाव से पहले SIR अभियान के तहत पश्चिम बंगाल में लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि मतुआ, राजबंशी और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम मतदाताओं की मौजूदगी को लेकर सख्त रुख अपनाया जाएगा। इस पूरे विवाद ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया था।

किन सीटों पर सबसे ज्यादा वोट कटे, किसने मारी बाजी


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार जिन 20 सीटों पर सबसे अधिक वोट हटाए गए, वहां राजनीतिक परिणाम काफी दिलचस्प रहे। कई सीटों पर बड़े पैमाने पर वोटर डिलीशन के बावजूद टीएमसी ने मजबूत प्रदर्शन किया।

समसेरगंज में 74,775 वोट हटाए गए, फिर भी यह सीट टीएमसी के खाते में गई। इसी तरह लालगोला में 55,000 से अधिक वोट काटे जाने के बावजूद वहां भी टीएमसी ने जीत दर्ज की। भागाबंगोला और रघुनाथगंज जैसी सीटों पर, जहां 45,000 से ज्यादा वोट हटाए गए थे, वहां भी टीएमसी ने बढ़त बनाई।

सीटवार स्थिति: टीएमसी, बीजेपी और कांग्रेस का प्रदर्शन

1. तृणमूल कांग्रेस (TMC) – कुल 13 सीटें
इन सीटों पर भारी संख्या में नाम हटाए जाने के बावजूद TMC ने जीत हासिल की:
समसेरगंज (74,775), लालगोला (55,420), भागाबंगोला (47,493), रघुनाथगंज (46,100), मेटियाबुर्ज (39,579), सुति (37,965), मोथाबारी (37,255), गोलपोखर (31,384), मालतीपुर (29,489), चोपड़ा (27,898), सुजापुर (26,829), राजारहाट न्यू टाउन (24,132), बशीरहाट उत्तर (23,900)।

2. भारतीय जनता पार्टी (BJP) – 6 सीटें
जंगीपुर (36,581), रतुआ (35,573), करणदिघी (31,562), केतुग्राम (26,780), मानिकचक (23,726), मोंटेश्वर (23,423)।

3. कांग्रेस – 1 सीट

फरक्का सीट पर 38,222 वोट हटाए गए थे, जहां कांग्रेस को जीत मिली।

हार के बाद ममता बनर्जी का तीखा रुख

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है और यह परिणाम निष्पक्ष नहीं हैं।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें खुद मतगणना केंद्र में शारीरिक रूप से परेशान किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। ममता ने कहा कि उनके एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया और फॉर्म 17C भी छीना गया।

ममता बनर्जी के अनुसार, “अगर चुनाव ईमानदारी से हुआ होता तो परिणाम अलग होते। यह हार नहीं बल्कि चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर का नतीजा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई और पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दबाव में प्रभावित हुई।

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