पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने का ऐलान किया है। ऐसे में सायोनी घोष भी भाजपा के लिए प्रचार करती नजर आ सकती हैं। हालांकि, NCPI ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रचार अभियान में किन नेताओं को शामिल किया जाएगा।
NCPI के इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब अरूप रॉय की डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने भी उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतार दिया है।
भाजपा के समर्थन में प्रचार करेगी NCPI
नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने खुद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA में भारतीय जनता पार्टी के बाद सबसे बड़ा सहयोगी दल बताया है। पार्टी का कहना है कि उसके पास इन दोनों विधानसभा सीटों पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं है, इसलिए उसने भाजपा के समर्थन में प्रचार करने का निर्णय लिया है।
पार्टी की ओर से कहा गया, "चूंकि हमारे पास कोई भी उम्मीदवार नहीं है, तो हमने भाजपा के समर्थन में प्रचार करने का फैसला किया है। NDA में हम भाजपा के बाद सबसे बड़े दल हैं।"
स्रोत सामग्री के अनुसार, NCPI में कुल 20 सांसद हैं। ममता बनर्जी से अलग होने के बाद बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया था। पार्टी इसी संख्या के आधार पर खुद को NDA में भाजपा के बाद सबसे बड़ा दल बता रही है।
NCPI अध्यक्ष ने टकराव खत्म करने की बात कही
एबीपी से बातचीत में NCPI अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने पार्टी के फैसले और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जिस तरह राज्य के लिए काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए लंबे समय से जारी टकराव की स्थिति समाप्त होनी चाहिए।
चटर्जी के मुताबिक, अगर पार्टी के सभी सांसद मिलकर काम करें तो राज्य की स्थिति में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि अब टकराव का समय नहीं है, बल्कि मिलकर काम करने की जरूरत है।
NCPI अध्यक्ष ने आने वाले समय में एक बड़ी बैठक आयोजित करने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया NDA नेतृत्व के साथ बैठक होगी। उनके अनुसार, इस बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे।
भाजपा ने चुनावी गठबंधन की संभावना से किया इनकार
NCPI के समर्थन के ऐलान के बाद भाजपा ने स्पष्ट किया कि इसे पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच चुनावी गठबंधन के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सायंतन बसु ने NCPI के फैसले का स्वागत किया, लेकिन गठबंधन और सीटों के बंटवारे की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि NCPI का भाजपा के लिए प्रचार करने का निर्णय अच्छी बात है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और NCPI के बीच कोई चुनावी गठबंधन होगा।
बसु ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे की कोई संभावना इस फैसले से स्वतः नहीं बनती।
डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम में उम्मीदवार उतारा
दूसरी ओर, अरूप रॉय के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने उपचुनाव को ममता बनर्जी के खिलाफ सीधी राजनीतिक लड़ाई के रूप में पेश किया है। पार्टी के नेता संदीपन साहा ने नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर दावा किया कि यह चुनाव तय करेगा कि वास्तविक तृणमूल कांग्रेस कौन है।
संदीपन साहा ने कहा कि ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार के मुकाबले से पीछे हटने के बाद उनकी पार्टी के पास अपनी स्थिति सामने रखने का अवसर है। डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट से मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है।
इस तरह नंदीग्राम में भाजपा, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले की स्थिति बन रही है। हालांकि, चुनावी मैदान में सभी दलों की रणनीति और प्रचार अभियान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस भी तृणमूल में टूट का लाभ उठाने की तैयारी में
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर हुई टूट का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कांग्रेस भी कर रही है। पीटीआई भाषा के अनुसार, कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने पार्टी से तृणमूल कांग्रेस की जगह लेने की दिशा में काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अल्पसंख्यक मतदाताओं सहित उन सभी लोगों के लिए स्वाभाविक विकल्प के रूप में उभरना चाहिए, जो भाजपा का विरोध करते हैं। उनका बयान राज्य में विपक्षी राजनीति के लिए तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विभाजन को एक संभावित अवसर के रूप में देखने से जुड़ा है।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को मतगणना
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी।
2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। वहीं, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के खाते में गई थी। आगामी उपचुनाव में इन दोनों सीटों पर विभिन्न दलों की रणनीति, उम्मीदवारों का प्रचार और स्थानीय राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।













