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तारातला गोदाम हादसा: 14 लोगों की मौत, मलबे में अब भी जारी है राहत और बचाव कार्य

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से मृतकों की संख्या 14 हो गई है। 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जानिए हादसे, घायलों और बचाव अभियान से जुड़ी ताजा जानकारी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 26 Jun 2026 11:06:04

तारातला गोदाम हादसा: 14 लोगों की मौत, मलबे में अब भी जारी है राहत और बचाव कार्य

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम गिरने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हादसे के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की टीमें अब भी मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। शुक्रवार सुबह भी बचाव दल ने मलबे से कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद अब तक रेस्क्यू किए गए लोगों की कुल संख्या 19 हो चुकी है। राज्य सरकार ने मृतकों और घायलों की आधिकारिक सूची भी जारी कर दी है, जबकि सभी पीड़ितों की पहचान और अन्य जानकारियों का सत्यापन अभी जारी है।

सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17), घी कुमार (17), असगर हुसैन (54), साहिल सरदार (17), हसन इमाम (44), गणेश कलंदी (45), नवीन सिंह (44) और स्वपन मंडल (56) के रूप में की गई है। वहीं घायल लोगों का उपचार एसएसकेएम अस्पताल में जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रभावित लोगों का पूरा ब्योरा एकत्र करने और उनकी आधिकारिक पुष्टि करने का काम तेजी से चल रहा है।

निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुआ हादसा

यह हादसा बुधवार दोपहर तारातला क्षेत्र में उस समय हुआ, जब निर्माणाधीन गोदाम में नियमित रूप से काम चल रहा था। जानकारी के अनुसार ब्रेस ब्रिज के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित इस निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। अचानक गोदाम की छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा, जिससे वहां मौजूद कई मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए।

घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा निर्माण स्थल चीख-पुकार से गूंज उठा।

अब भी मलबे में फंसे लोगों की आशंका

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हादसे के समय निर्माण स्थल पर कई मजदूर मौजूद थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अब भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव अभियान बिना रुके जारी रखा गया है।

रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रही है, ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी तरह यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे में कोई और व्यक्ति नहीं है, तब तक अभियान जारी रहेगा।

पुलिस, दमकल और राहत एजेंसियां लगातार जुटीं

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। सभी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं घायलों का इलाज अस्पतालों में जारी है, जबकि पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माणाधीन गोदाम का हिस्सा आखिर किन कारणों से ढहा।

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