
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। आपदा के 24 घंटे बाद राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों को सात और शव मिले, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। अब तक कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो चुकी है, जबकि 15 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें सहस्रधारा और फुलेत गांव में लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं, लेकिन मलबे में दबे लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
बारिश और नदी-नालों के उफान से मचा हाहाकार
15 और 16 सितंबर को हुई भीषण बारिश से दून घाटी में जन-धन का बड़ा नुकसान हुआ। मंगलवार को प्रशासन ने शुरुआती रिपोर्ट में 13 लोगों की मौत और 16 लोगों के लापता होने की पुष्टि की थी। लेकिन बुधवार को नई सूची जारी की गई, जिसमें 18 मृतकों की पहचान की गई, जबकि 15 लोग अब भी गुमशुदा हैं। शुरुआती दिन 13 शव बरामद हुए थे, वहीं देर रात पांच और शव मिले।
सहारनपुर में मिले तीन शव, कई की पहचान बाकी
विकासनगर से लापता दो महिलाएं और एक युवक सहारनपुर में मृत अवस्था में मिले। मृतकों में मुरादाबाद की 40 वर्षीय सुंदरी, संभल की 20 वर्षीय रानी और वहीं के मोनू शामिल हैं। इसके अलावा बुधवार को शिमला बाईपास से तीन साल के बच्चे का शव मिला। रायपुर क्षेत्र की सौंग नदी से भी दो अज्ञात युवकों के शव बरामद हुए हैं, जिनकी उम्र लगभग 35 और 40 साल बताई जा रही है। विकासनगर में भी एक अज्ञात युवक का शव मिलने की जानकारी सामने आई है।
62 सड़कें और आठ पुल क्षतिग्रस्त, यातायात बाधित
आपदा से सड़क और पुलों का नेटवर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार देहरादून जिले में कुल 62 सड़कें और आठ पुल क्षतिग्रस्त हुए। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी दी कि इनमें से 35 सड़कों को चालू कर दिया गया है, जबकि शेष 27 पर काम जारी है।
मसूरी-धनोल्टी और कैंपटी मार्ग पर दोबारा शुरू हुई आवाजाही
भूस्खलन के चलते अवरुद्ध मसूरी-धनोल्टी और मसूरी-कैंपटी मार्ग को बुधवार को फिर से खोल दिया गया। वहीं मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास बैली ब्रिज का निर्माण देर रात पूरा होने के बाद रात 9:45 बजे से यातायात बहाल कर दिया गया।
फुलेत गांव में चल रहा बचाव कार्य
मालदेवता से लगभग 20 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे फुलेत गांव में बुधवार सुबह रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। यहां पीएमजीएसवाई की सड़क निर्माण में लगे सहारनपुर के छह श्रमिक लापता हैं। इनमें सचिन, सुरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, श्यामलाल, मिथुन और विकास शामिल हैं। एसडीआरएफ की टीम बुधवार रात वहीं रुकी रही ताकि गुरुवार सुबह से फिर से अभियान शुरू किया जा सके।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
आपदा से प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित किया गया है। कार्लीगाड़ के 60 ग्रामीणों को हिलायन व्यूज, सेरागांव के 32 लोगों को ईरा रिजॉर्ट और कुल्हान के 76 निवासियों को हिल व्यू होटल में शिफ्ट किया गया है।
आदि कैलास यात्रा को फिर से मिली हरी झंडी, 211 परमिट जारी
लगातार खराब मौसम के चलते रोकी गई आदि कैलास यात्रा को बुधवार से दोबारा शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों के लिए 211 इनर लाइन परमिट जारी किए हैं। यात्रा 15 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन को देखते हुए इसे टाल दिया गया था।














