
देहरादून के बिल्डर शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी साक्षी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ फरार हो गए हैं। शाश्वत पर निवेशकों और सामान्य व्यापारियों दोनों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी आवासीय परियोजनाओं में निवेश करने वाले करोड़पतियों का पैसा हड़पने के साथ-साथ दूधवाले, ड्राइवर और किराना स्टोर से भी उधार का पैसा वसूल कर गायब हो गए। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
फरार होने से पहले किया बड़ा खेल
शाश्वत गर्ग और उनका परिवार 17 अक्टूबर से लापता हैं। उन्हें 22 अक्टूबर को मुंबई से नेपाल के काठमांडू भागने की सूचना मिली है। देहरादून से भागने से पहले शाश्वत ने अपने निवेशकों का पैसा हड़पने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों का भी भुगतान रोक दिया।
आर्केडिया हिलाक्स और इंपीरियल वैली परियोजना में धोखाधड़ी
शाश्वत गर्ग, पत्नी साक्षी और परिवार के अन्य सदस्य दो प्रमुख परियोजनाओं—आर्केडिया हिलाक्स (ग्रुप हाउसिंग) और इंपीरियल वैली (प्लाटेड डेवलपमेंट)—पर काम कर रहे थे। इनके कार्यालय मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलाक्स के पास स्थित इंपीरियल हाइट्स परियोजना में थे। इसी परिसर में एक किराना स्टोर संचालित था, जिसका संचालन अक्षत जैन करते हैं।
अक्षत जैन ने बताया कि शाश्वत वर्षों तक उनके स्टोर से सिगरेट, रजनीगंधा और अन्य वस्तुएं उधार पर लेते रहे। बीते चार-पांच महीनों में भुगतान में देरी शुरू हुई और अब 27 हजार रुपये से अधिक की राशि वसूल नहीं हो सकी क्योंकि गर्ग परिवार फरार हो चुका है।
दूधवाले और ड्राइवर भी परेशान
डीएल रोड निवासी एक व्यक्ति शाश्वत गर्ग के 95 ऊषा कालोनी स्थित फ्लैट में दूध की आपूर्ति करता था। दो माह से करीब 12 हजार रुपये बकाया हैं। इसके अलावा, शाश्वत के ड्राइवर ए थापा भी वेतन के भुगतान के लिए परेशान हैं, लेकिन शिकायत करने का रास्ता नहीं दिख रहा।
नीरज कुमार के साथ धोखाधड़ी
शाश्वत गर्ग की असगर टेक्सटाइल कंपनी में प्रबंधक रहे नीरज कुमार ने बताया कि शाश्वत ने उन्हें प्लाट सस्ते दाम पर खरीदने का लालच दिया और कहा कि एमडीडीए और रेरा से अनुमति मिलते ही दाम डबल हो जाएंगे। बाद में पता चला कि प्लाट को गर्ग परिवार ने ऊंचे दाम पर बेच दिया। नीरज समेत कई निवेशक अब पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
बेटे का पासपोर्ट नहीं किया निरस्त
शाश्वत के बेटे रिद्वान के पासपोर्ट को निरस्त करने की मांग की गई थी, लेकिन पासपोर्ट कार्यालय ने उसे जारी रखा क्योंकि बेटे के विरुद्ध कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला। शाश्वत और उनकी पत्नी साक्षी के पासपोर्ट ही निरस्त किए गए।
इंपीरियल वैली परियोजना में भी मुकदमा
पुलिस ने आर्केडिया हिलाक्स परियोजना में 23 से अधिक फ्लैट आवंटन और लोन फर्जीवाड़े में शाश्वत, उनकी पत्नी, परिवार के अन्य सदस्यों और कुछ बैंक/वित्तीय संस्थाओं के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब निवेशक इंपीरियल वैली परियोजना के लिए भी मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
शाश्वत गर्ग और उनका परिवार करोड़ों रुपए के निवेशकों, स्थानीय दुकानदारों और कर्मचारियों का पैसा लेकर फरार होने के कारण देहरादून में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है।














