उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज होती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को हमेशा के लिए ‘साफ’ कर देगी।
मुख्यमंत्री लखनऊ में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े रसोइयों के सम्मान समारोह और नकद भुगतान रहित चिकित्सा सुविधा के कार्ड वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की ओर से रसोइयों के लिए की गई घोषणाओं का भी जिक्र किया।
रसोइयों के लिए सरकार की घोषणाओं का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
इसके अलावा पांच लाख रुपये तक के नकद भुगतान रहित इलाज की सुविधा और साड़ी के लिए मिलने वाली राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
‘सपा के एजेंडे में गरीब मुद्दा नहीं था’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर गरीबों के हितों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं और सुविधाओं पर अब काम हो रहा है, वे पहले भी शुरू की जा सकती थीं, लेकिन उस समय गरीबों को एजेंडे में जगह नहीं मिली।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए योगी ने उन्हें ‘बबुआ’ कहकर संबोधित किया और दावा किया कि जनता अगले चुनाव में सपा को सत्ता की राजनीति से बाहर कर देगी।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव की दिनचर्या को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोपहर में उठता है, दोपहर बाद तैयार होता है और शाम को व्यायाम के बाद महफिल में शामिल होता है, तो उसके पास प्रदेश के लिए समय कहां से आएगा।
2017 से पहले के यूपी को लेकर सपा पर आरोप
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति की तुलना मौजूदा व्यवस्था से की। उन्होंने सपा शासन पर गरीबों की जमीनों पर कब्जे, बेटियों की सुरक्षा से जुड़े खतरे और दंगों के आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश दंगा और कर्फ्यू मुक्त हो चुका है और कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण प्रदेश में विकास को गति मिली है।
उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का भी उल्लेख किया। योगी के मुताबिक, 2017 से पहले कई विद्यालय बदहाल स्थिति में थे, जबकि अब ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 19 मानकों के आधार पर स्कूलों में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
अखिलेश यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा
मुख्यमंत्री योगी के बयान से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आरक्षण पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी आरक्षण को खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरक्षण को PDA का अधिकार बताते हुए कहा कि आरक्षण में सुधार के नाम पर PDA समाज के खिलाफ साजिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और उसके सहयोगी आरक्षण के विरोध के लिए ‘समीक्षा’ और ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
इस तरह दोनों नेताओं के बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और बीजेपी के बीच आरक्षण, गरीबों और शासन के मुद्दों पर राजनीतिक टकराव सामने आया है।













