उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती अभियान के तहत मंगलवार को 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग और मंडी परिषद में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन भर्तियों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं, उनमें अब नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में हर सप्ताह युवाओं को नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि विभाग में 3,446 प्राविधिक सहायक नियुक्त
कार्यक्रम में कृषि विभाग के लिए चयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों को नियुक्ति दी गई। ये पद ग्रुप-सी के तहत हैं। इसके अलावा मंडी परिषद में श्रेणी-3, वर्ग-2 के 126 मंडी सचिवों को भी नियुक्ति पत्र मिला।
सरकार के अनुसार, इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों की प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि इन चयन पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।
छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग विभागों में जिन परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके परिणामस्वरूप नियुक्तियां आगे बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है।
मई में भी हुए थे नियुक्ति कार्यक्रम
इससे पहले मई 2026 में राज्य सरकार की ओर से आयुष विभाग में चयनित प्रोफेसरों, रीडरों, चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ नर्सों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। व्यावसायिक शिक्षा विभाग के तहत चयनित इंस्ट्रक्टरों को भी नियुक्तियां दी गई थीं।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर जैसे पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी भर्ती अभियान में शामिल थे। इन भर्तियों को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और UPSSSC के माध्यम से पूरा किया गया था।
निवेश के साथ रोजगार पर भी जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश और जापान के बीच लगातार संवाद के जरिए निवेश बढ़ाने तथा प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
बैठक में YEIDA के तहत जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी भी ली गई और काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।


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