उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साक्षरता दिवस के अवसर पर छात्रों और आम जनता के नाम एक पाती लिखकर शिक्षा के महत्व पर अपना संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विद्यालय जाने का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सीखना तक सीमित नहीं है। शिक्षा बच्चों के ज्ञान और कौशल को व्यापक बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है। सीएम योगी ने अपने संदेश में शिक्षा को आधुनिक दौर की जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का मेल
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को साथ लाने की कोशिश की जा रही है। इसका उद्देश्य शिक्षा और ज्ञान को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र का भी उल्लेख किया। लखनऊ में बन रहा Al City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक से जुड़ता इकोसिस्टम प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए नई संभावनाओं का आधार बन रहा है।
छात्रों के नाम पाती में शिक्षा पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने छात्रों और जनता को संबोधित करते हुए शिक्षा के व्यापक स्वरूप की ओर ध्यान दिलाया। उनके संदेश में स्कूल और शिक्षा को केवल साक्षरता हासिल करने तक सीमित न मानने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि परंपरागत ज्ञान को विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़कर उत्तर प्रदेश में नई तकनीकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस
सीएम योगी ने कहा- "मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, अभी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर मुझे राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते है। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे। हमारे बच्चे विद्यालय क्यों जाते हैं? केवल पढ़ना-लिखना सीखने के लिए? जी नहीं, हमारा उद्देश्य बच्चों को ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना है। हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरुकुल इसी समग्र शिक्षा के केंद्र रहे हैं, जहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा भी दी जाती थी। यही भाव आज भी हमारी शिक्षा का आधार होना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल बनाए और समाज के लिए उपयोगी बने।"
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 7, 2026
शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे।
हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक… pic.twitter.com/qilR5B9XEL
'शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं बच्चे'
सीएम योगी ने कहा- "आज तकनीक तेजी से हमारे जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। AI, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में Al City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बन रहा है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयी सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।" आपको बता दें कि इससे पहले सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के लोगों के लिए पाती लिखी थी।
शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी- CM योगी
सीएम योगी ने कहा- "इस पूरी मात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और दायित्वबोध जगाते हैं तथा हमारी गौरवशाली ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान और नवाचार से जोड़ते हैं। लेकिन साक्षरता का संकल्प समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे साक्षर बनाना हम सभी का कर्तव्य है। किसी को पढ़ना-लिखना सिखाने का छोटा-सा प्रयास उसके जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसरों के नए द्वार खोल सकता है। आइए, इस अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान और एआई के प्रति जागरूक बने।"














