
कुशीनगर जिले के रामकोला में आयोजित 33वें किसान शहीद दिवस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के करहल से विधायक तेजप्रताप यादव ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधा वार करते हुए कहा कि मौजूदा शासन किसानों की पीठ में छुरा घोंप रहा है। किसानों को न तो समय पर खाद मिल पा रहा है और न ही गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा रहा है।
शहीद दिवस की पृष्ठभूमि
रामकोला में हर साल यह आयोजन 1992 में चीनी मिल प्रांगण में हुए गन्ना मूल्य आंदोलन में शहीद हुए किसानों की स्मृति में किया जाता है। उस समय गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसान उग्र प्रदर्शन पर उतर आए थे। आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने गोलीबारी की थी, जिसमें दो किसानों – जमादार मियां और पड़ोही हरिजन – ने अपनी जान गंवाई थी। उनकी याद में हर वर्ष 10 सितंबर को शहीद दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम की झलक
इस बार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर तेजप्रताप यादव और विशिष्ट अतिथि के रूप में आम आदमी पार्टी नेता व यूपीएससी गुरु अवध ओझा पहुंचे। दोनों नेताओं का कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। समारोह के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ब्रह्मशंकर त्रिपाठी, पूर्व विधायक डॉ. पीके राय, जिलाध्यक्ष रामअवध यादव, इलियास अंसारी समेत हजारों किसान और सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
परंपरा और परिवार की भूमिका
इस आयोजन की शुरुआत सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने की थी। उनके नेतृत्व में 10 सितंबर 1992 को रामकोला चीनी मिल के सामने किसानों का ऐतिहासिक प्रदर्शन हुआ था। पुलिस की गोलीबारी में शहादत देने वाले किसानों की स्मृति को जीवित रखने के लिए तभी से यह दिवस मनाया जा रहा है। मुलायम सिंह यादव का परिवार हर वर्ष इस दिन कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है।
सरकार को आड़े हाथों लिया
सभा को संबोधित करते हुए तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा, “खाद के नाम पर घोटाला किया जा रहा है। बोरी का वजन घटा दिया गया और दाम बढ़ा दिए गए। गन्ना किसानों का करोड़ों रुपया अभी तक बकाया है, लेकिन सरकार कागजों पर झूठे दावे करती रहती है।"
तेजप्रताप ने आगे कहा कि किसानों को उनका हक दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार में किसान उपेक्षित हैं और उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।














