
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करते हुए मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज़ कर दिया है। रविवार को आयोजित रैली में उन्होंने अपनी पार्टी की ताकत का प्रदर्शन किया और इसके बाद महंत दिग्विजयनाथ पार्क में निषाद पार्टी के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आगामी चुनावी रणनीति के संकेत भी दिए।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में संजय निषाद ने बीजेपी के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास पर आधारित है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब वक्त आ गया है जब बीजेपी को इस दोस्ती को अपने फैसलों और कदमों से साबित करना चाहिए।
संजय निषाद ने साफ शब्दों में कहा कि बीजेपी सरकार बड़े स्तर पर विकास कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार वंचित वर्गों को सम्मान देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक बीजेपी उनके लिए अपने “दरवाजे बंद” नहीं करती, तब तक उनका समर्थन जारी रहेगा। यानी फिलहाल दोनों दलों के बीच गठबंधन बरकरार है, लेकिन भविष्य की परिस्थितियों पर नजर बनी हुई है।
#WATCH | Sultanpur: Uttar Pradesh Minister Sanjay Nishad says, "I was with the Samajwadi Party, they closed the door for me. The issue of reservation is our party`s issue,... They (BJP) have done very good work; Prime Minister Modi is giving respect, they are working to bring our… pic.twitter.com/e8bifddfSP
— ANI (@ANI) March 23, 2026
समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया। निषाद ने कहा कि वे पहले सपा के साथ रह चुके हैं, लेकिन उस समय उनके लिए पार्टी के दरवाजे बंद कर दिए गए थे। ऐसे में अब दोबारा उस दिशा में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दोहराया कि आरक्षण का मुद्दा उनकी पार्टी की प्राथमिकता है और इसी के आधार पर वे अपनी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी बताया कि 2019 से उनकी पार्टी लगातार बीजेपी के साथ खड़ी है और चुनावों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जब अन्य दलों ने उनका साथ छोड़ा था, तब भी उन्होंने बीजेपी का समर्थन किया था। अब बीजेपी को भी इस निष्ठा को ध्यान में रखते हुए अपने सहयोगियों के हितों पर विचार करना चाहिए।
आरक्षण के मुद्दे पर बात करते हुए संजय निषाद ने बताया कि उनकी पार्टी इस विषय को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से लगातार संवाद में है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मांग के प्रति गंभीर हैं और जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकल सकता है। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि ओबीसी वर्ग के नौ प्रतिशत आरक्षण को पुनर्गठित कर उसे अनुसूचित जातियों को दिया जाए, ताकि उनके समुदाय को शिक्षा और रोजगार में बेहतर अवसर मिल सकें।
वहीं, उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। निषाद ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने उनके समुदाय को शिक्षा से दूर रखा, जबकि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों ने उनकी आजीविका पर असर डाला। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस पर भी इस मुद्दे को वर्षों तक उलझाए रखने का आरोप लगाया।














