अयोध्या स्थित राम मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति कर दी गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में कई नामों पर विचार के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर आम सहमति बनी। हालांकि, इस नियुक्ति के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने ट्रस्ट के सामने तीन नामों की सूची रखी थी। इसके अलावा तीन अन्य नामों की एक सप्लीमेंट्री लिस्ट भी दी गई थी। सभी नामों पर चर्चा के बाद ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस जिम्मेदारी के लिए चुना।
अपनी नियुक्ति पर जितेंद्र मिश्रा ने इसे भगवान राम की कृपा बताया। उन्होंने कहा कि अब तक वह सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे थे और आगे रामलला की सेवा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि CEO के तौर पर वह मंदिर की व्यवस्थाओं को सकारात्मक तरीके से संचालित करने का प्रयास करेंगे।
43 साल तक एयरफोर्स में दी सेवा
जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं और उन्होंने भारतीय वायुसेना में करीब 43 साल तक सेवा की है। अपने सैन्य करियर के दौरान वह फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर रहे और बाद में एयरफोर्स की वेस्टर्न कमांड के प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाली।
संदर्भ सामग्री के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड के चीफ के रूप में जितेंद्र मिश्रा ने अभियान का संचालन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमपुर एयरबेस पहुंचने के दौरान उन्होंने उन्हें ऑपरेशन से जुड़ी बारीकियों की जानकारी भी दी थी।
जितेंद्र मिश्रा को अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। वह 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से रिटायर हुए थे। अब रिटायरमेंट के कुछ महीनों बाद उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
#WATCH | Delhi: On the appointment of Air Marshal Jitendra Mishra (Retd.) as the CEO of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Congress leader Imran Masood says, "...That is the job of sadhus and sants. Now, an Air Marshal, someone who flies aeroplanes, has gotten… pic.twitter.com/OIDYAlzh7O
— ANI (@ANI) September 2, 2026
कांग्रेस ने नियुक्ति पर जताई आपत्ति
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कांग्रेस की ओर से कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि मंदिर से जुड़े काम साधु-संतों के रहने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और बीजेपी ने एक पूर्व सैन्य अधिकारी को ऐसे काम में लगा दिया है, जिसे उनके मुताबिक धार्मिक संतों को करना चाहिए।
इमरान मसूद ने राम मंदिर में CEO की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को मंदिर से जुड़े लोगों के हाथ में ही रहने देना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के लोग और साधु-संत इस तरह की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, ये बातें कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए आरोप और दावे हैं।
अजय राय और राशिद अल्वी ने भी साधा निशाना
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर प्रतिक्रिया दी। संदर्भ सामग्री के अनुसार, उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पुराने लोगों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि नए CEO को चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामलों में कार्रवाई करके दिखानी चाहिए। उनके बयान में पुराने लोगों को लेकर भी आरोप लगाए गए।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने नियुक्ति को अलग संदर्भ में देखते हुए सवाल किया कि रिटायर्ड एयर चीफ को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाए जाने का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अलग-अलग संस्थानों में पूर्व अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर लोगों के मन में सवाल पैदा होते हैं।
राशिद अल्वी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के पीछे कोई ऐसा तथ्य है, जिसकी वजह से जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामलों का जिक्र करते हुए दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए। ये सभी बातें राशिद अल्वी के बयान के रूप में सामने आई हैं और इन्हें उनके आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अब राम मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन में CEO के तौर पर भूमिका निभाएंगे। नियुक्ति के बाद उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद बताया है। उनका कहना है कि नई जिम्मेदारी को वह सकारात्मक सोच के साथ निभाएंगे।
इस नियुक्ति के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में CEO का पद पहली बार सामने आया है। ट्रस्ट की बैठक में आम सहमति से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर फैसला होने के बाद अब मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी नई भूमिका शुरू होगी।
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#WATCH | Delhi: On Air Marshal Jeetendra Mishra (Retd) appointed as the first CEO of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Congress leader Rashid Alvi says, "The current BJP government is appointing Supreme Court judges as Governors or members of the Rajya Sabha; this raises… pic.twitter.com/Kji215yJ1X
— ANI (@ANI) September 2, 2026













