उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का मंदिर बनाने की मांग सामने आई है। अलीगढ़ के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट और भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने इस संबंध में मायावती को एक प्रार्थना पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने अपनी निजी जमीन पर मायावती की प्रतिमा स्थापित करने और मंदिर निर्माण की अनुमति मांगी है।
गौतम के मुताबिक, प्रस्तावित मंदिर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की खैर तहसील में बनाया जाना है। उन्होंने मायावती को पत्र भेजकर मंदिर निर्माण के लिए उनकी अनुमति और आशीर्वाद मांगा है। हालांकि, संदर्भ सामग्री में मायावती की ओर से इस प्रार्थना पत्र पर किसी प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।
मायावती को देवी स्वरूप मानने की बात
केशव देव गौतम ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मायावती ने लंबे समय तक पीड़ित और शोषित समाज के साथ-साथ सर्व समाज के लिए काम किया है। उन्होंने मायावती के संघर्ष और त्याग से प्रभावित होने की बात कही।
गौतम के अनुसार, मंदिर बनाने का विचार उनका निजी विश्वास है। उनका कहना है कि मायावती के संघर्ष से उन्हें प्रेरणा मिली और वह चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी भी उनके संघर्ष और त्याग से प्रेरणा ले।
निजी जमीन पर मंदिर बनाने की इच्छा
गौतम ने बताया कि वह मायावती की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी निजी जमीन पर निर्माण की इच्छा जताते हुए पहले मायावती से अनुमति लेने का फैसला किया।
उन्होंने मायावती के जीवन और सार्वजनिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'त्याग की देवी' बताया। गौतम का दावा है कि मायावती ने अपना जीवन देश और प्रदेश के लिए समर्पित किया तथा उनके अनुसार मायावती ने लोगों को प्रेरणा देने का काम किया है।
'सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय' का किया उल्लेख
मंदिर निर्माण की मांग रखने वाले गौतम ने कहा कि मायावती ने सर्व समाज के हित और कल्याण के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके भीतर मायावती के संघर्ष से प्रेरणा लेने की भावना पैदा हुई और इसी वजह से वह उनका मंदिर बनाना चाहते हैं।
गौतम का कहना है कि मंदिर निर्माण के पीछे उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को मायावती के संघर्ष और उनके प्रति अपने विचारों से परिचित कराना है। फिलहाल, संदर्भ सामग्री के अनुसार मंदिर निर्माण को लेकर मायावती की अनुमति या इस मांग पर उनकी ओर से किसी फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।













